इंदौर | मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के बृजेश्वरी एनेक्स इलाके में बुधवार तड़के एक रूह कँपा देने वाला हादसा हुआ। एक रिहायशी मकान में भीषण आग लगने से मकान मालिक सहित 8 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया है।
कैसे हुआ हादसा? धमाकों से दहल उठा इलाका
इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह घर के बाहर चार्ज हो रही एक इलेक्ट्रिक गाड़ी को बताया जा रहा है।
विस्फोट: चार्जिंग पॉइंट में अचानक धमाका हुआ, जिससे निकली चिंगारियों ने गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया।
सिलेंडर ब्लास्ट: आग तेजी से घर के अंदर फैली, जहाँ लगभग 10 गैस सिलेंडर रखे हुए थे। सिलेंडरों में हुए धमाकों ने आग को और अधिक विकराल बना दिया।
ज्वलनशील पदार्थ: घर के मालिक मनोज पुगलिया पॉलीमर का कारोबार करते थे, जिसके चलते घर में रखे रसायनों (केमिकल्स) ने आग में घी का काम किया।
अपनों को खोने का गम: मृतकों की सूची
इस भीषण अग्निकांड में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल है। मृतकों में प्रमुख नाम हैं:
मनोज पुगलिया (मकान मालिक)
सिमरन
विजय सेठिया
सुमन सेठिया
राशि
छोटू सेठिया (दो अन्य व्यक्तियों की शिनाख्त अभी की जा रही है)
रेस्क्यू और पड़ोसियों की जांबाजी
जब सुबह चीख-पुकार मची, तो पड़ोसियों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का साहसिक प्रयास किया, लेकिन आग का तांडव इतना भीषण था कि घर तक पहुंचना असंभव हो गया। दमकल विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुँचकर सौरभ, सुनीता और सोनिल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
चश्मदीदों का बयान: "धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि लगा जैसे कोई बम फटा हो। देखते ही देखते पूरा मकान आग के गोले में तब्दील हो गया और अंदर फंसे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।"
सुरक्षा अलर्ट: इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करते समय बरतें ये सावधानी
इस घटना ने EV चार्जिंग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार:
वाहनों को कभी भी ज्वलनशील पदार्थों (जैसे सिलेंडर या केमिकल) के पास चार्ज न करें।
चार्जिंग पॉइंट के लिए केवल प्रमाणित (Certified) वायरिंग का ही उपयोग करें।
रात भर गाड़ी को चार्जिंग पर छोड़ने से बचें।





