अररिया/पूर्णिया: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को बिहार के अररिया जिले से घुसपैठ और जनसांख्यिकीय (Demographic) बदलाव के मुद्दे पर हुंकार भरी। ₹175 करोड़ की लागत वाली एसएसबी (SSB) परियोजनाओं और नई सीमा चौकियों का उद्घाटन करते हुए शाह ने स्पष्ट किया कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद घुसपैठियों को बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

बंगाल चुनाव और घुसपैठ पर कड़ा रुख

अमित शाह ने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल में इस बार भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा:

"घुसपैठिए न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि वे गरीबों के हक का कल्याणकारी लाभ भी हड़प रहे हैं। बंगाल, बिहार और झारखंड जनसांख्यिकीय बदलाव से सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं। हम हर एक घुसपैठिये को देश से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

'डेमोग्राफिक चेंज' के अध्ययन के लिए बनेगी हाई-पावर कमेटी

गृह मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने सबसे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और वहां हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव के प्रभाव को "खत्म" (Undo) करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि बड़े पैमाने पर घुसपैठ न केवल संस्कृति बल्कि किसी क्षेत्र के भूगोल को भी बिगाड़ सकती है।

सीमा सुरक्षा के लिए नया 'SOP' और सुरक्षा बलों की भूमिका

एसएसबी (SSB) के जवानों को संबोधित करते हुए शाह ने खुली सीमाओं (Porous Borders) की चुनौती पर चर्चा की:

नई रणनीति: उन्होंने शीर्ष अधिकारियों को उन क्षेत्रों के लिए एक विशेष SOP (Standard Operating Procedure) तैयार करने का निर्देश दिया जहाँ फेंसिंग कठिन है।

जनता से जुड़ाव: उन्होंने जवानों से सीमावर्ती गांवों के निवासियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने का आग्रह किया ताकि तस्करी और नशीले पदार्थों के व्यापार को रोकने के लिए सटीक फीडबैक मिल सके।

कल्याणकारी योजनाएं: शाह ने 'सीएपीएफ आवास योजना' और 'आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा' जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए जवानों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

वीर सावरकर को दी श्रद्धांजलि

अपने संबोधन की शुरुआत में अमित शाह ने स्वतंत्रता सेनानी और हिंदुत्व के प्रतीक विनायक दामोदर सावरकर को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया। उन्होंने सावरकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ही 1857 के विद्रोह को 'स्वतंत्रता का पहला युद्ध' करार दिया था।

मुख्य बिंदु: अमित शाह का संबोधन

मुद्दामुख्य घोषणा/संदेश
घुसपैठअगले जनादेश से पहले सभी घुसपैठियों को बाहर निकालने का वादा।
समिति का गठनजनसांख्यिकीय बदलाव के अध्ययन और उसे सुधारने के लिए हाई-पावर कमेटी।
बंगाल चुनावभाजपा की जीत और घुसपैठ मुक्त बंगाल का दावा।
सुरक्षा बलSSB के लिए ₹175 करोड़ के प्रोजेक्ट्स और नई सीमा चौकियां।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित रहे। शाह के इस बयान ने सीमांचल और बंगाल की राजनीति में एक बार फिर 'घुसपैठ' के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।