गुवाहाटी:

गुवाहाटी के पुलिस कमिश्नर और असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के महानिरीक्षक (IG) डॉ. पार्थ सारथी महंता को भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित 'केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक 2026' से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। डॉ. महंता देश भर के उन 19 चुनिंदा 'सुपर कॉप्स' की सूची में शामिल हैं, जिनकी उत्कृष्ट कार्यशैली, अदम्य साहस और राष्ट्रीय सुरक्षा में अद्वितीय योगदान को केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित किया जा रहा है।

यह सम्मान उनके उल्लेखनीय करियर में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है। इससे पूर्व उन्हें वर्ष 2025 में 'विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक' (President's Medal for Distinguished Service) से नवाजा जा चुका है। इसके अतिरिक्त, अक्टूबर 2026 में आयोजित 75वें असम पुलिस दिवस समारोह में भी उनकी सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया था।

'स्पेशल ऑपरेशन्स': आतंकवाद और चरमपंथ पर करारा प्रहार

मार्च 2023 में असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के पुनर्गठन के बाद से ही डॉ. महंता के नेतृत्व में राज्य में संगठित अपराध और चरमपंथी नेटवर्कों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया गया:

  • शीर्ष आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश: मार्च 2024 में धुबरी से ISIS के भारत प्रमुख हारिस अजमल फारूकी और उसके प्रमुख सहयोगी अनुराग सिंह की गिरफ्तारी उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक रही।
  • चरमपंथियों की धरपकड़: मार्च 2023 से दिसंबर 2024 के बीच STF ने जिहादी समूहों, माओवादियों, ULFA-I और मणिपुर से सक्रिय विद्रोही गुटों से जुड़े 21 संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
  • सीमा पार कनेक्शन और स्लीपर सेल: उनके मार्गदर्शन में STF ने 'अंसारुल्लाह बांग्ला टीम' (ABT) के स्लीपर सेल्स का पर्दाफाश किया, जिनके तार पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से जुड़े होने का संदेह था।
  • कार्रवाई के आंकड़े: उनके कार्यकाल के दौरान STF ने कुल 254 विशेष अभियान चलाए, 41 मामले दर्ज किए और विभिन्न आपराधिक मामलों में 482 लोगों को गिरफ्तार किया।

नशीले पदार्थों के खिलाफ 'ज़ीरो टॉलरेंस'

असम STF द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2023 से दिसंबर 2024 के दौरान डॉ. महंता के नेतृत्व में भारी मात्रा में प्रतिबंधित और नशीले पदार्थ जब्त किए गए:

जब्त की गई सामग्रीमात्रा / संख्या
हेरोइन (Heroin)59 किलोग्राम से अधिक
साइकोट्रोपिक (नशीली) गोलियां9.67 लाख
फेनसेडिल कफ सिरप37,000 बोतलें
गांजालगभग 4 टन
अफीम37.26 किलोग्राम
मेथामफेटामाइन1 किलोग्राम

इसे भी पढ़ेंः दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा संदेश, "यौन अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करे पुलिस"

खाकी के पीछे का संवेदनशील कलाकार: फिल्म निर्माण और कला

एक सख्त पुलिस अधिकारी की छवि से इतर, डॉ. महंता ने कला, इतिहास और सामाजिक चेतना के धरातल पर भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है:

  • राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री: उनके द्वारा निर्देशित डॉक्यूमेंट्री 'हरगिला - द ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क' को 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में 'विशेष उल्लेख' (Special Mention) प्राप्त हुआ। यह पर्यावरणविद् डॉ. पूर्णिमा देवी बर्मन और 'हरगिला आर्मी' के संरक्षण प्रयासों पर आधारित है।
  • 'लचित: द वॉरियर': अहोम साम्राज्य के वीर सेनापति लचित बोरफुकन के शौर्य पर बनी उनकी एनिमेटेड फिल्म को विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में खूब सराहा गया।
  • सामाजिक चेतना: उन्होंने 'फेहुजली' नामक डॉक्यू-ड्रामा के माध्यम से यह दर्शाया कि कैसे असमंजस में पड़े युवा विद्रोही गतिविधियों का शिकार बन जाते हैं। वहीं उनकी अपनी कविता पर आधारित लघु फिल्म 'अनसुनी चीखें' भी काफी चर्चित रही।

साहित्य और शैक्षणिक उपलब्धि: भारत के पहले IPS

डॉ. महंता असमिया और अंग्रेजी भाषा के जाने-माने लेखक और कवि हैं। वे विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में कॉलम लिखते हैं और असमिया पत्रिका 'आईना जीवनोर' के मानद संपादक भी हैं।

उनकी बौद्धिक और अकादमिक उत्कृष्टता को रेखांकित करते हुए, जनवरी 2026 में असम विश्वविद्यालय (सिलचर) ने अपने 23वें दीक्षांत समारोह में उन्हें मानद 'डॉक्टर ऑफ लेटर्स' (D.Litt.) की उपाधि से सम्मानित किया। वे भारत के पहले ऐसे सेवारत IPS अधिकारी बन गए हैं, जिन्हें इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है।

#ParthaSarathiMahanta #GuwahatiPolice #SuperCop #DakshtaPadak2026 #AssamPolice #STFAssam #IndianPolice #NationalFilmAwards #DLitt #AssamHonours