झज्जर: हरियाणा के झज्जर जिले के सेक्टर-9 में रविवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब भगवान परशुराम भवन के शिलान्यास का पावन अवसर राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया। ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में समाज की एकजुटता प्रदर्शित करने की तैयारी थी, लेकिन नेताओं की आपसी कलह ने पूरे आयोजन की गरिमा को तार-तार कर दिया।
केंद्रीय मंत्री के जाते ही शुरू हुआ घमासान
कार्यक्रम की शुरुआत मर्यादापूर्ण ढंग से हुई थी। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय मंत्री अरविंद शर्मा ने विधिवत शिलान्यास पत्थर रखा और अपना संबोधन पूरा कर वहां से प्रस्थान किया। उनके जाते ही मंच पर मौजूद नेताओं के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
मंच बना अखाड़ा, पुलिस भी रही बेबस
देखते ही देखते यह मौखिक बहस हाथापाई में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:
मंच पर मौजूद नेताओं और उनके समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई।
मौके पर तैनात पुलिस बल के सामने ही लोग एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाते नजर आए।
इस दौरान कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स भी मंच पर ही मौजूद थे, जिनकी उपस्थिति में हंगामा और बढ़ गया।
आयोजकों ने भारी मन से रद्द किया कार्यक्रम
जिस मंच से समाज को शक्ति और एकता का संदेश दिया जाना था, वहां हुए इस उपद्रव से आयोजक और समाज के प्रबुद्ध लोग बेहद आहत नजर आए। हालात को नियंत्रण से बाहर होता देख आयोजकों ने मजबूरन कार्यक्रम को बीच में ही रद्द करने की घोषणा कर दी।
"यह बेहद शर्मनाक है कि एक धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम को राजनीति की भेंट चढ़ा दिया गया। समाज के निर्माण के लिए रखे गए पत्थर पर आज कलह की कालिख पुत गई है।" — कार्यक्रम से जुड़े एक व्यथित आयोजक
तनाव बरकरार
घटना के बाद सेक्टर-9 और आसपास के इलाकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस अब इस मामले में शामिल उपद्रवियों की पहचान करने और स्थिति को शांत करने में जुटी है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि पवित्र धार्मिक आयोजन में राजनीतिक विद्वेष को हावी होने दिया गया।





