रूट / रांची

JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर पिछले 16 दिनों से सड़कों पर डटे अभ्यर्थियों और राज्य सरकार के बीच निर्णायक मोड़ आ गया है। रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में भारी सुरक्षा बल के बीच सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की उच्चस्तरीय वार्ता हुई। चार मंत्रियों के दल के साथ हुई इस बैठक से कई बड़ी खबरें छनकर बाहर आ रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार छात्रों की मुख्य मांगों को मानने के लिए तैयार दिख रही है। यदि आज की वार्ता में कोई सर्वसम्मत ठोस नतीजा नहीं निकलता है, तो आंदोलनकारी छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है, जिसे प्रमुख विपक्षी दलों का भी पूरा समर्थन हासिल है।

वार्ता के प्रमुख बिंदु और सरकार के प्रस्ताव

  1. TDPL की जांच ED से कराने पर सहमति: परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी 'टीडीपीएल' (TDPL) के वित्तीय अपराधों के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद सरकार उसके आर्थिक लेनदेन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने पर सहमत हो गई है।
  2. परीक्षाएं रद्द करने का आश्वासन: JPSC 14वीं और बैकलॉग 25वीं परीक्षा को रद्द करने का प्रस्ताव रखा गया है।
  3. 90 दिनों में CID जांच पूरी होगी: CID को सौंपे गए सभी मामलों की जांच 90 दिनों के भीतर पूरी करने का लिखित वादा किया गया है।
  4. सभी परीक्षाओं की होगी जांच: टीडीपीएल द्वारा अब तक ली गई सभी परीक्षाओं के निष्पक्ष पुनर्मूल्यांकन और जांच का आश्वासन दिया गया है।
  5. पारदर्शिता के लिए शीर्ष संस्थानों से सलाह: भविष्य में परीक्षा प्रणाली को फुलप्रूफ बनाने के लिए IIT (ISM) धनबाद और XLRI जमशेदपुर जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से परामर्श लिया जाएगा।

JPSC-JSSC न्याय मंच प्रतिनिधिमंडल

छात्रों की ओर से मोर्चा संभाल रहे न्याय मंच के 6-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में निम्नलिखित सदस्य शामिल हैं:

  • चंदन कुमार (छात्र नेता सह शोधार्थी)
  • दीनबंधु मंडल
  • इकबाल हुसैन
  • रवि शंकर
  • प्रेम कुमार
  • रामा अवतार महतो

आर-पार के मूड में अभ्यर्थी: 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का अल्टीमेटम

आंदोलन के 16वें दिन कई अभ्यर्थी आमरण अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे हैं। अभ्यर्थियों का स्पष्ट कहना है कि पूर्व की दो दौर की वार्ताओं में उन्हें केवल आश्वासन मिला था, ठोस परिणाम नहीं। छात्रों की मूल मांग सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की है।

प्रतिनिधिमंडल ने साफ कर दिया है कि यदि आज की वार्ता में लिखित व ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तो 10 अगस्त को पूरे राज्य से छात्र जुटेंगे और विधानसभा का ऐतिहासिक घेराव करेंगे। दो अन्य छात्र गुटों से भी बातचीत जारी है, जिसके बाद सरकार अपना अंतिम रुख स्पष्ट कर सकती है।