रांची:
दिल्ली में पेपर लीक मामले के बाद अब झारखंड की राजधानी रांची में भी छात्र आंदोलन उग्र होता जा रहा है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) OMR शीट विवाद और 14वीं JSSC-CGL परीक्षा में कथित धांधली को लेकर सैकड़ों अभ्यर्थी पिछले 10 दिनों से कचहरी स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में संविधान की प्रतियां हाथ में लेकर 'अनिश्चितकालीन सत्याग्रह' पर बैठे हुए हैं।
इस आंदोलन को अब भाजपा (BJP), आजसू (AJSU) और जेएलकेएम (JLKM) जैसे प्रमुख राजनीतिक दलों का खुला नैतिक समर्थन मिल रहा है। बढ़ते दबाव के बीच राज्य सरकार आंदोलन को शांत करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने पर विचार कर रही है।
JPSC के पूर्व चेयरमैन से CID की मैराथन पूछताछ
मामले की जांच कर रही सीआईडी (CID) की टीम ने राज्य के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। आयोग के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते से सोमवार को करीब 7 घंटे तक पूछताछ की गई। एजेंसी इस मामले में अब तक उनसे 4 बार में कुल 32 घंटे से अधिक की पूछताछ कर चुकी है।
हालांकि, आंदोलनकारी छात्र CID जांच पर भरोसा न जताते हुए मामले की CBI जांच और 14वीं JPSC PT परीक्षा को तत्काल रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
मुख्य मांगें एक, पर नेतृत्व में दिखा बिखराव
स्टेडियम में दो अलग-अलग टेंट लगने से आंदोलन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं। छात्रों का कहना है कि राजनीतिक हस्तक्षेप और नेतृत्व की होड़ के कारण मतभेद उभरे हैं। यही वजह है कि एक ही मांग के लिए तीन अलग-अलग तिथियों में विधानसभा घेराव का ऐलान किया गया है:
| संगठन / दल | नेतृत्व | विधानसभा घेराव/मार्च की तारीख |
|---|---|---|
| न्याय मंच (JLKM) | देवेंद्र नाथ महतो (भूख हड़ताल पर) | 06 अगस्त |
| AISA (राष्ट्रीय अध्यक्ष) | नेहा बोरा | 07 अगस्त |
| JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच | छात्र प्रतिनिधि | 10 अगस्त |
प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगें
CBI जांच: भर्ती परीक्षाओं में हुई पूरी अनियमितता की जांच CID के बजाय सीधे CBI से कराई जाए।
परीक्षा रद्द हो: 14वीं JPSC PT परीक्षा रद्द कर पारदर्शी व भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण में दोबारा परीक्षा आयोजित हो।
कैलेंडर व सख्त कार्रवाई: आयोग स्पष्ट परीक्षा कैलेंडर जारी करे और पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
बैकफुट पर सरकार: कमेटी गठन की तैयारी
झारखंड विधानसभा के आगामी मानसून सत्र के दौरान छात्रों के इन विशाल मार्चों को देखते हुए राज्य सरकार हरकत में आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार जल्द ही एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने पर विचार कर रही है जो आंदोलनकारी छात्रों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं और मांगों का समाधान निकालेगी।





