कुरुक्षेत्र। हरियाणा की कुरुक्षेत्र पुलिस ने डल्ला माजरा के समीप नरवाना ब्रांच नहर में मिले हाथ-पैर बंधे शव की सनसनीखेज गुत्थी को सुलझा लिया है। इस मामले में जो सच सामने आया है, उसने रिश्तों की मर्यादा को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने मृतक गुरमुख सिंह की हत्या के आरोप में उसके दो सगे भाइयों, राजेंद्र कुमार और राकेश कुमार को गिरफ्तार किया है।
दवा दिलाने के बहाने ले गए थे मौत के करीब
अपराध अन्वेषण शाखा-दो (CIA-2) के प्रभारी निरीक्षक मोहन लाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपी पंजाब के मोहाली जिले (लालड़ू) के गोलू माजरा गांव के निवासी हैं। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपियों ने 12 मार्च को गुरमुख की हत्या की सोची-समझी योजना बनाई थी। वे गुरमुख को मोटरसाइकिल पर बैठाकर 'दवा दिलाने' के बहाने घर से निकले थे।
रास्ते में आरोपियों ने एक दुकान से प्लास्टिक की रस्सी खरीदी। वापसी के समय डल्ला माजरा के पास सुनसान जगह पाकर उन्होंने अपने ही भाई के हाथ-पैर रस्सी से बेरहमी से बांध दिए और उसे तड़पते हुए जिंदा ही उफनती नहर में फेंक दिया।
बीमारी और डर बनी हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या के पीछे की वजह साझा की। उन्होंने बताया कि:
गुरमुख सातवीं कक्षा में फेल होने के बाद मानसिक संतुलन खो बैठा था।
पिछले 17-18 वर्षों से उसका इलाज चल रहा था, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
हाल के दिनों में वह हिंसक हो गया था और परिवार के सदस्यों व बच्चों के साथ मारपीट करने लगा था।
परिवार को डर था कि वह किसी दिन किसी की जान ले लेगा या कोई बड़ी मुसीबत खड़ी कर देगा। इसी 'डर' के चलते भाइयों ने उसे रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला लिया।
पुलिस की कार्रवाई
नहर में शव मिलने के बाद पुलिस लगातार साक्ष्यों को खंगाल रही थी। सटीक सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों भाइयों को काबू किया गया। पुलिस ने आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर दो दिन का रिमांड हासिल किया है, ताकि हत्या में इस्तेमाल किए गए वाहन और अन्य साक्ष्यों को बरामद किया जा सके।
"रिश्तों के कत्ल की यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता की कमी और डर किस तरह अपराध को जन्म दे सकता है।"





