नई दिल्ली/जिला कार्यालय। वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध की आहट ने अब आम आदमी की रसोई तक दस्तक दे दी है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी (LPG) सिलिंडर की किल्लत पैदा हो गई है, जिसके चलते प्रशासन ने नए गैस कनेक्शन जारी करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। वर्तमान में केवल पुराने कनेक्शनों के हस्तांतरण (Transfer) की ही अनुमति दी गई है।
नए कनेक्शन पर ब्रेक, ट्रांसफर के नियम बदले
जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार के अनुसार, गैस सिलिंडर की भारी किल्लत और बढ़ते बैकलॉग को देखते हुए तीनों प्रमुख गैस कंपनियों और एजेंसियों ने नए कनेक्शन न देने का फैसला किया है।
हस्तांतरण की सुविधा: नए कनेक्शन तो नहीं मिलेंगे, लेकिन पुराने कनेक्शन को रक्त संबंधों (Blood Relations) में स्थानांतरित कराया जा सकता है।
मृतक के कनेक्शन का क्या होगा? यदि किसी परिचित या परिवार के सदस्य की मृत्यु हो गई है, तो उनके कनेक्शन को रक्त संबंधियों के नाम पर ट्रांसफर किया जा सकेगा। इसके लिए निर्धारित जमानत राशि (Security Deposit) जमा करना अनिवार्य होगा।
सब्सिडी पर कैंची: 10 लाख से अधिक आय वालों को झटका
सरकार ने सब्सिडी के नियमों में भी कड़ाई बरतने का फैसला किया है। अब संपन्न वर्ग को गैस सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।
आय सीमा: ऐसे उपभोक्ता जिनकी वार्षिक आय 10 लाख रुपये से अधिक है, उनकी सब्सिडी पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
वर्तमान सब्सिडी दर: वर्तमान में उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रति सिलिंडर 350 रुपये और सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 12 रुपये की सब्सिडी मिलती है।
जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति
जिले में कुल 88 गैस एजेंसियां हैं, जो लगभग 13 लाख उपभोक्ताओं को सेवाएं दे रही हैं। पिछले एक महीने से आपूर्ति बाधित होने के कारण भारी बैकलॉग जमा हो गया था, हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अब इसमें धीरे-धीरे कमी आ रही है।
संक्षेप में मुख्य बातें:
| श्रेणी | स्थिति |
|---|---|
| नया कनेक्शन | पूरी तरह प्रतिबंधित |
| कनेक्शन ट्रांसफर | केवल रक्त संबंधों में मान्य |
| सब्सिडी पात्रता | 10 लाख रुपये से कम वार्षिक आय |
| बैकलॉग | आपूर्ति में सुधार के प्रयास जारी |
निष्कर्ष: वैश्विक अस्थिरता और सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण फिलहाल उपभोक्ताओं को संयम बरतने की सलाह दी गई है। यदि आप नया कनेक्शन लेने की सोच रहे थे, तो फिलहाल आपको इंतजार करना होगा।





