भिंड।

भिंड कलेक्टरेट सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की उच्च स्तरीय बैठक में उस समय भारी हंगामा हो गया, जब स्थानीय भाजपा सांसद संध्या राय का गुस्सा प्रशासनिक अधिकारियों पर फूट पड़ा। नगर पालिका के कार्यक्रमों और विकास कार्यों के भूमि पूजन व शिलान्यास में आमंत्रण न मिलने से नाराज सांसद ने इसे प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन बताया। कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा और गोहद विधायक केशव देसाई की मौजूदगी में हुई इस बैठक में सांसद ने बेहद कड़े तेवर दिखाते हुए अफसरों को जमकर आड़े हाथों लिया।

"क्या जनप्रतिनिधि प्रोटोकॉल से बाहर हैं?"— सांसद का सीधा सवाल

समीक्षा बैठक के दौरान सांसद संध्या राय ने प्रशासनिक अधिकारियों और नगर पालिका के कामकाज के तौर-तरीकों पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने तल्ख लहजे में पूछा कि क्षेत्र में होने वाले बड़े विकास कार्यों की आधिकारिक सूचना उन तक क्यों नहीं पहुंचाई जा रही है?

सांसद की नाराजगी: "भिंड या मेहगांव नगर पालिका के अंतर्गत चाहे किसी बड़े प्रोजेक्ट का शुभारंभ हो रहा हो या फिर किसी वार्ड में सीवर लाइन का काम चल रहा हो, जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे इसकी कोई पूर्व जानकारी नहीं दी जाती। 6 महीने पहले भी मैंने 'दिशा' की बैठक में इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई सुधार देखने को नहीं मिला।"

उन्होंने साफ चेतावनी दी कि बतौर लोकसभा सदस्य, हर विकास कार्य की जानकारी प्रोटोकॉल के तहत उन्हें मिलना अनिवार्य है और इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

'नल जल योजना' पर सख्त हिदायत: ढोल बजाकर हो 'जल अर्पण उत्सव'

बैठक के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) की समीक्षा करते हुए सांसद ने ‘नल जल योजना’ की ब्लॉकवार रिपोर्ट तलब की। उन्होंने पूछा कि कितनी पंचायतों में काम पूरा हो चुका है, कितनी प्रगति पर हैं और कितनी हैंडओवर की जा चुकी हैं। आगामी कार्यों के लिए उन्होंने कड़े निर्देश दिए:

उत्सव की तरह मने सफलता: जिन गांवों में नल जल योजना पूरी हो चुकी है, वहां 'जल अर्पण कार्यक्रम' के तहत उत्सव मनाया जाए। ढोल बजाकर ग्रामीणों को इसकी सूचना दी जाए और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को ससम्मान आमंत्रित किया जाए।

हैंडओवर से पहले मुकम्मल जांच: किसी भी योजना को पंचायत को सौंपने से पहले वहां बिजली की मुकम्मल व्यवस्था, डीपी (ट्रांसफार्मर) की उपलब्धता और पानी की टंकी का सही निर्माण सुनिश्चित किया जाए।

PWD पर फूटा गुस्सा: 7 साल की सिफारिशें नजरअंदाज करने का आरोप

सांसद संध्या राय का गुस्सा उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब लोक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि सुदृढ़ीकरण योजना के तहत उनकी कई महत्वपूर्ण अनुशंसाओं को विभाग ने पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि पिछले 7 वर्षों में उन्होंने क्षेत्र की जिन भी महत्वपूर्ण सड़कों के मजबूतीकरण की सिफारिशें भेजी थीं, विभाग ने न तो उन पर कोई अमल किया और न ही कोई लिखित जवाब देने की जहमत उठाई। सांसद के इन तीखे तेवरों के बाद बैठक में मौजूद अधिकारियों के पसीने छूट गए और उन्होंने जल्द से जल्द व्यवस्थाओं में सुधार करने का आश्वासन दिया।