कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोयला तस्करी मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार सुबह ईडी की टीमों ने कोलकाता पुलिस के उपायुक्त (DCP) शांतनु सिन्हा बिस्वास और व्यवसायी जय कामदार के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
DCP और व्यवसायी के घरों पर रेड
जानकारी के अनुसार, कोयला तस्करी की जांच की आंच अब कोलकाता पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुँच गई है। ईडी की टीम डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास के दो ठिकानों पर तलाशी ले रही है। गौरतलब है कि इस मामले की जांच के दौरान शांतनु बिस्वास का नाम पहले भी सामने आया था, जिसके बाद जांच एजेंसी ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब भी किया था।
वहीं, दूसरी ओर व्यवसायी जय कामदार के ठिकानों पर भी छापेमारी जारी है। छापेमारी के दौरान एक दिलचस्प वाकया तब देखने को मिला जब ईडी की टीम कामदार के बेहाला स्थित आवास पर पहुँची।
बेहाला में 'डॉग और लॉक' का हाई वोल्टेज ड्रामा जय कामदार के बेहाला स्थित घर पर मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ था और परिसर के अंदर एक कुत्ता मौजूद था। सुरक्षा और तकनीकी कारणों से ईडी की टीम को अंदर दाखिल होने के लिए करीब 40 मिनट तक बाहर ही इंतजार करना पड़ा। बाद में गेट खोलकर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
चुनावी माहौल में बढ़ी तपिश
राज्य में विधानसभा चुनावों (या लोकसभा उपचुनावों, यदि संदर्भ हो) की गहमागहमी के बीच इस कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष जहाँ इसे भ्रष्टाचार पर प्रहार बता रहा है, वहीं सत्ताधारी दल इसे केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करार दे रहा है।
मुख्य बिंदु:
कुल ठिकाने: डीसीपी के 2 और व्यवसायी का 1 ठिकाना।
मामला: अवैध कोयला खनन और तस्करी से जुड़ा धन शोधन (Money Laundering)।
अधिकारी: कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास।
कोयला तस्करी मामले में ईडी की यह कार्रवाई संकेत देती है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों पर शिकंजा कसा जा सकता है। फिलहाल, अधिकारी दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगालने में जुटे हैं।





