जबलपुर:
वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकौशल क्षेत्र के केंद्र जबलपुर को विकास की कई बड़ी सौगातों से नवाजा है। बरगी के नरई नाला स्थित रानी दुर्गावती के समाधि स्थल पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार वीरांगना की स्मृतियों को संजोने और उनके गौरव को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में उन्होंने जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट का नाम बदलने और किसानों के लिए एक क्रांतिकारी योजना की घोषणा की।
वीरांगना के नाम से जाना जाएगा डुमना एयरपोर्ट
प्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह द्वारा मंच से उठाई गई मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट का नाम बदलकर 'वीरांगना रानी दुर्गावती एयरपोर्ट' करने का औपचारिक प्रस्ताव राज्य सरकार की ओर से जल्द ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से चर्चा कर आवश्यक प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा, ताकि जबलपुर आने वाले हर यात्री को इस माटी के शौर्य का अहसास हो सके।
₹500 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक चिड़ियाघर
पर्यटन और पर्यावरण के क्षेत्र में जबलपुर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव रखी। उन्होंने घोषणा की कि जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर लगभग ₹500 करोड़ की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक चिड़ियाघर (Zoo) और वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर (Wildlife Rescue Center) विकसित किया जाएगा। यह न केवल मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक होगा, बल्कि इससे क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
किसानों को ऋण चुकाने के नियमों में ऐतिहासिक राहत: अब 31 मार्च का दबाव खत्म
किसानों के हित में एक बेहद संवेदनशील और बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री ने फसल ऋण (Crop Loan) चुकाने के पुराने और जटिल नियमों को बदलने की घोषणा की। अब किसानों को हर साल 31 मार्च की तय समय-सीमा के भीतर कर्ज चुकाने के मानसिक और वित्तीय दबाव से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।
क्या है नया नियम?
तारीख से तारीख का फॉर्मूला: डॉ. यादव ने बताया कि अब किसान साल के जिस दिन या तारीख को बैंक से ऋण लेंगे, उन्हें उसे चुकाने के लिए अगले वर्ष की उसी तारीख तक का पूरा समय मिलेगा।
उदाहरण के तौर पर: यदि किसी किसान ने 30 जून को कृषि ऋण लिया है, तो अब उसे 31 मार्च की हड़बड़ी के बजाय अगले साल 30 जून तक ऋण जमा करने की खुली छूट होगी।
इस ऐतिहासिक बदलाव से किसानों को अपनी फसल को सही दाम पर बेचने और अपने वित्तीय प्रबंधन को बेहतर करने का पर्याप्त समय मिलेगा। सरकार के इस कदम का सीधा लाभ प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं को मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को संबल मिलेगा।





