मालदा | पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-12 (NH12) पर 'नाका चेकिंग' के दौरान पुलिस ने एक पूर्व कांग्रेस विधायक की एसयूवी (SUV) से एक लाइसेंसी पिस्तौल बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने वाहन में सवार छह व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

शनिवार शाम को मालदा थाना क्षेत्र के कालुआदिघी में पुलिस सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक एसयूवी को रोका गया, जो मानिकचक से पूर्व कांग्रेस विधायक मो. मोत्ताकिन आलम (2016-2021) की बताई जा रही है।

हथियार की बरामदगी: तलाशी के दौरान गाड़ी से एक लाइसेंसी पिस्तौल मिली, जो मोत्ताकिन आलम के नाम पर ही जारी है।

विधायक की अनुपस्थिति: घटना के समय पूर्व विधायक वाहन में मौजूद नहीं थे। उनके रिश्तेदार और परिचित उस गाड़ी में किसी रेस्टोरेंट जा रहे थे।

पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने हथियार जब्त कर लिया और गाड़ी में सवार छह लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लाइसेंसी हथियार का मालिक के बिना किसी और के पास होना नियमों का उल्लंघन है।

राजनीतिक घमासान: TMC और BJP ने साधा निशाना

चुनाव के मुहाने पर खड़े राज्य में इस घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है:

तृणमूल कांग्रेस (TMC): ओल्ड मालदा नगर पालिका के अध्यक्ष बिभूति घोष ने कहा कि पूर्व विधायक को अधिक जिम्मेदार होना चाहिए था। उन्हें चुनाव नियमों के अनुसार अपना हथियार बहुत पहले ही जमा कर देना चाहिए था।

भाजपा (BJP): मालदा के विधायक और भाजपा उम्मीदवार गोपाल साहा ने तंज कसते हुए कहा कि पूर्व विधायक को सतर्क रहने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कई टीएमसी नेता भी विपक्ष को डराने के लिए कानूनी और गैर-कानूनी हथियारों का इस्तेमाल करते हैं।

कांग्रेस का पक्ष: 'अनजाने में हुई चूक'

जहाँ पूर्व विधायक मोत्ताकिन आलम ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, वहीं कांग्रेस के जिला नेता मंटू घोष ने इसे एक छोटी घटना बताया। उन्होंने स्पष्ट किया:

"आलम अनजाने में अपना हथियार गाड़ी में ही भूल गए थे। उनके रिश्तेदार खाना खाने जा रहे थे जब पुलिस ने चेकिंग की। यह कोई गंभीर मुद्दा नहीं बल्कि एक मानवीय भूल है।"

कानूनी पहलू

निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, चुनावों की घोषणा के बाद लाइसेंसी हथियार रखने वालों को अपने हथियार नजदीकी थाने में जमा कराने होते हैं। साथ ही, लाइसेंसी हथियार को मालिक की अनुपस्थिति में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा ले जाना गैर-कानूनी माना जाता है। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।