कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्र की सत्ताधारी भाजपा और चुनाव आयोग (EC) के कथित "अपावन गठबंधन" के खिलाफ देश के सभी गैर-एनडीए दलों से एकजुट होने की अपील की है। उत्तर बंगाल के चुनावी दौरे पर रवाना होने से पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने इसे "तानाशाही और एक-पार्टी शासन" के खिलाफ अस्तित्व की लड़ाई करार दिया।
"विचारधारा भूलें, संविधान बचाएं"
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय राजनीतिक मतभेदों का नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने का है। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा:
"यह मायने नहीं रखता कि आप वामपंथी (Left) हैं या दक्षिणपंथी (Right)... इसे भूल जाइए। मैं सभी से अनुरोध करती हूं कि वे साथ आएं और तानाशाही तथा केंद्र के एक-पार्टी शासन के खिलाफ आवाज उठाएं। आप मेरे साथ खड़े न हों, लेकिन जनता के साथ खड़ा होना आज सबसे महत्वपूर्ण है।"
विवाद की जड़: चुनाव आयोग की अधिसूचना पर 'भाजपा की मुहर'
ममता बनर्जी के इस तीखे हमले के पीछे की मुख्य वजह मार्च 2019 का एक कथित पत्र है, जिस पर भाजपा की केरल इकाई की मुहर लगी है। चुनाव आयोग ने इसे 'लिपिकीय त्रुटि' (Clerical Error) बताया है, लेकिन ममता ने इस स्पष्टीकरण को खारिज कर दिया।
ममता का पलटवार: "यह कोई छोटी गलती नहीं, बल्कि एक जानबूझकर की गई राजनीतिक साजिश है। भाजपा का रबर स्टंप चुनाव आयोग के नोटिफिकेशन पर दिख रहा है—अब बिल्ली थैले से बाहर आ गई है।"
अधिकारियों के तबादले: मुख्यमंत्री ने नंदीग्राम के बीडीओ को भवानीपुर स्थानांतरित किए जाने और हाल ही में 73 रिटर्निंग अधिकारियों के तबादलों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी जैसे शीर्ष अधिकारियों को हटाकर केंद्र पर्दे के पीछे से डोर खींच रहा है।
मतदाता सूची और SIR पर सवाल
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर प्रहार करते हुए पूछा कि 'प्रथम पूरक सूची' (First Supplementary List) जारी करने में इतनी देरी क्यों की गई?
उन्होंने आशंका जताई कि क्या किसी विशेष राजनीतिक दल को लाभ पहुँचाने के लिए एकतरफा नाम जोड़े गए हैं?
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "किसी के पास लोगों के मताधिकार छीनने का अधिकार नहीं है। यह दमनकारी 'SIR' प्रक्रिया ही उनके (भाजपा) अंत का कारण बनेगी।"
विपक्ष का समर्थन और भाजपा का पलटवार
I.N.D.I.A. गठबंधन का साथ: समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, उमर अब्दुल्ला, अरविंद केजरीवाल और संजय राउत जैसे दिग्गज नेताओं ने ममता बनर्जी के रुख का समर्थन किया है और भाजपा को उन्हें हराने की चुनौती दी है।
सुवेंदु अधिकारी का जवाब: भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए कहा कि ममता बनर्जी 'हार के डर' से ये आरोप लगा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन अधिकारियों को हटाया गया है, वे ममता के इशारों पर काम करते थे।
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
| मुद्दा | ममता बनर्जी का आरोप/बयान |
|---|---|
| एकजुटता | 'राइट' और 'लेफ्ट' के भेदभाव को छोड़कर लोकतंत्र के लिए लड़ें। |
| EC-BJP गठबंधन | चुनाव आयोग को भाजपा द्वारा नियंत्रित बताया। |
| प्रशासनिक फेरबदल | 70 से अधिक शीर्ष IAS-IPS अधिकारियों के तबादले को साजिश करार दिया। |
| चुनावी माहौल | चुनाव को "विरोध और प्रतिरोध" का क्षण बताया। |





