कोलकाता | ईरान युद्ध की तपिश अब भारतीय रसोई तक पहुँच गई है। देश में गहराते एलपीजी (LPG) और ईंधन संकट को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की "योजना की कमी" पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार को इस संकट पर तुरंत संसद में आधिकारिक बयान जारी करना चाहिए।
ममता बनर्जी के मुख्य आरोप: "बिना तैयारी के लिया गया फैसला"
मुख्यमंत्री ने बुधवार को ABP Ananda से बातचीत में केंद्र की रणनीति को 'मनमाना' और 'अदूरदर्शी' करार दिया:
25 दिनों की पाबंदी पर सवाल: ममता ने पूछा कि सरकार ने यह घोषणा करने से पहले कि 'घरेलू एलपीजी 25 दिनों से पहले उपलब्ध नहीं होगी', स्टॉक का आकलन क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा कि इस "25-दिवसीय विंडो" की घोषणा ने ही जमाखोरों और कालाबाजारियों के हौसले बुलंद किए हैं।
पारदर्शिता की मांग: उन्होंने मांग की कि केंद्र को तुरंत संसद में बताना चाहिए कि देश के पास वर्तमान में कितना स्टॉक उपलब्ध है और इस संकट को हल करने के लिए उनका 'प्लान ऑफ एक्शन' क्या है?
समान वितरण की मांग: मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि केंद्र के पास उपलब्ध रिजर्व ईंधन और एलपीजी को सभी राज्यों के बीच समान रूप से वितरित किया जाना चाहिए।
ग्राउंड जीरो पर असर: कोलकाता में हाहाकार
कोलकाता सहित पूरे बंगाल में इस सप्लाई संकट का असर दिखने लगा है:
प्रभावित वर्ग: रेस्टोरेंट, होटल, छोटे ढाबे, ऑटो-ड्राइवर और आम गृहणियां इस संकट की सीधी मार झेल रहे हैं।
मिड-डे मील पर खतरा: मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि यदि सप्लाई ठीक नहीं हुई, तो स्कूलों में मिड-डे मील और अस्पतालों की व्यवस्था चरमरा जाएगी।
केरोसिन की कमी: उन्होंने केंद्र पर केरोसिन की सप्लाई रोकने का भी आरोप लगाया, जिससे ग्रामीण इलाकों में खाना पकाने का संकट खड़ा हो गया है।
संकट का गणित और केंद्र की जिम्मेदारी
| विवरण | आंकड़े/स्थिति |
|---|---|
| भारत की कुल गैस खपत | लगभग 191 mmscmd (प्रतिदिन) |
| आयात पर निर्भरता | लगभग 50% |
| बाधित सप्लाई | मिडिल ईस्ट से आने वाली 60 mmscmd सप्लाई (होर्मुज स्ट्रेट के कारण) |
| ममता का स्टैंड | एलपीजी को 'आवश्यक वस्तु' मानकर सप्लाई सुनिश्चित की जाए। |
"सब्सिडी के लिए भीख मांगने को तैयार, पर माल कहाँ है?"
ममता बनर्जी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि वे एलपीजी पर सब्सिडी देने के लिए धन जुटाने हेतु 'भीख मांगने' तक को तैयार हैं, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया— "अगर बाजार में माल ही उपलब्ध नहीं है, तो सब्सिडी का क्या फायदा?"
उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे जांच एजेंसियों और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय इस राष्ट्रीय संकट का समाधान खोजने पर ध्यान केंद्रित करें।
प्रशासनिक सक्रियता
मुख्यमंत्री आज राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक कर बंगाल में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों (जैसे कोयला) और उपलब्ध स्टॉक के प्रबंधन पर चर्चा करेंगी।





