सेल्वास (दादरा और नगर हवेली): केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली की राजधानी सेल्वास में शनिवार की सुबह एक हृदयविदारक हादसे से दहल गई। देमानी रोड स्थित एक नाइट्रोजन गैस गोदाम में सिलेंडर रिफिलिंग के दौरान हुए जोरदार विस्फोट ने चार लोगों की जान ले ली, जबकि पांच अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के इलाके में भूकंप जैसे झटके महसूस किए गए।

सुबह के वक्त हुआ हादसा, मलबे में तब्दील हुआ गोदाम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह गोदाम में कर्मचारी नियमित रूप से नाइट्रोजन गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग कर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक सिलेंडर में तकनीकी खराबी या अत्यधिक दबाव के कारण तेज विस्फोट हो गया।

विनाशकारी प्रभाव: धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गोदाम की छत और दीवारें ढह गईं। मलबे के टुकड़े उड़कर पास की सड़क तक जा गिरे।

दहशत का माहौल: स्थानीय निवासियों के मुताबिक, धमाके की गूंज 30 मीटर दूर तक सुनी गई। पास से गुजर रहे स्कूली बच्चों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई।

राहत और बचाव कार्य: मृतकों में प्रबंधक भी शामिल

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। मलबे में दबे लोगों को निकालकर तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया।

हताहत: इस दर्दनाक हादसे में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें गोदाम का प्रबंधक भी शामिल है।

घायल: अस्पताल में भर्ती पांच घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी का शक

प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। शुरुआती संकेतों के अनुसार, इस हादसे के पीछे सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) के उल्लंघन की प्रबल आशंका जताई जा रही है।

"हम इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि रिफिलिंग की प्रक्रिया के दौरान क्या आवश्यक सुरक्षा उपकरण और सावधानियां बरती गई थीं। दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" — स्थानीय प्रशासन

जांच के आदेश

प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं। फॉरेंसिक टीम और गैस विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सिलेंडर फटने का मुख्य कारण तकनीकी खराबी थी या मानवीय लापरवाही। फिलहाल, पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और मलबे को हटाने का काम जारी है।