रायपुर:

छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए आज यानी बुधवार (1 जुलाई) से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जारी नए टैरिफ के तहत अब घरेलू, व्यावसायिक और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक बिजली बिल चुकाना होगा। आयोग ने अधिकांश श्रेणियों में प्रति यूनिट 30 पैसे से लेकर 50 पैसे तक की बढ़ोतरी की है।

इस बढ़ोतरी के बाद बिजली वितरण व्यवस्था को वित्तीय मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि आम जनता की जेब पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या हैं नई दरें?

घरेलू श्रेणी में अलग-अलग स्लैब के आधार पर प्रति यूनिट की नई दरें इस प्रकार तय की गई हैं:

बिजली की खपत (यूनिट में)नई दर (प्रति यूनिट)
0 से 100 यूनिट₹4.10 से बढ़कर ₹4.40
101 से 200 यूनिट₹4.50
201 से 400 यूनिट₹6.00
401 से 600 यूनिट₹7.00
600 यूनिट से अधिक₹8.80

इसके अलावा, व्यावसायिक उपभोक्ताओं की दरों में भी 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है, जबकि किसानों के लिए कृषि पंपों की बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो गई है।

बिल भुगतान और सरचार्ज के नियमों में बड़ा बदलाव

नए टैरिफ के साथ ही बिजली बिल जमा करने और छूट से जुड़े नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:

अग्रिम भुगतान (Advance Payment) पर नुकसान: जो उपभोक्ता पहले से एडवांस बिजली बिल जमा करते थे, उन्हें मिलने वाली छूट को 1.25% से घटाकर 0.75% कर दिया गया है।

अब रोजाना लगेगा लेट फीस: समय पर बिल जमा नहीं करने पर पहले जो 1.5% का मासिक सरचार्ज (Surcharge) लगता था, उसे खत्म कर दिया गया है। अब उसकी जगह प्रतिदिन 0.04% की दर से विलंब शुल्क वसूला जाएगा।

अस्थायी कनेक्शन हुआ महंगा: त्योहारों या निर्माण कार्यों के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन (LV-1 और LV-2 श्रेणी) लेने वालों पर भार बढ़ेगा। पहले इसके लिए सामान्य टैरिफ का 1.25 गुना शुल्क लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 1.5 गुना कर दिया गया है।

पुराना बकाया रखने वालों के लिए 'राहत' का एलान

भले ही चालू बिजली दरें बढ़ा दी गई हों, लेकिन जिन उपभोक्ताओं का पुराना बिजली बिल बकाया है, उनके लिए सरकार ने एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है:

मुख्यमंत्री की विशेष राहत घोषणा:

पुराने बकायेदारों को बिल जमा करने के लिए 3 महीने का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इस तय अवधि में भुगतान करने पर कोई विलंब अधिभार (सरचार्ज) नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही, निर्धारित समय सीमा के भीतर बकाया राशि का पूर्ण भुगतान करने वाले पात्र उपभोक्ताओं को 10% की विशेष छूट भी दी जाएगी।

सरकार का मानना है कि इस छूट से जहां एक तरफ लाखों डिफाल्टर उपभोक्ताओं को अपना पुराना बकाया चुकाने में आर्थिक सहूलियत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग का फंसा हुआ रेवेन्यू भी वापस आ सकेगा।