जयपुर।
जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने शहर के नंदपुरी इलाके में विकास कार्यों के आड़े आ रहे धार्मिक स्थलों को हटाने की एक बड़ी और संवेदनशील कार्रवाई शुरू कर दी है। मालवीय नगर से जगतपुरा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के चौड़ीकरण प्रोजेक्ट को रफ्तार देते हुए प्रशासन की टीम ने नूरानी मस्जिद को सील कर उसे ढहाने का काम शुरू कर दिया है।
25 फीट से 80 फीट होगी सड़क, दायरे में आ रहे 5 धार्मिक स्थल
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, नंदपुरी अंडरपास के पास रेलवे लाइन के साथ वाली सड़क को चौड़ा करने का प्रोजेक्ट काफी समय से लंबित था। इस सड़क की मौजूदा चौड़ाई महज 25-30 फीट है, जिसे बढ़ाकर 80 फीट किया जाना तय हुआ है।
सड़क की इस निर्धारित सीमा (रोड सीमा) के भीतर कुल पांच धार्मिक स्थल आ रहे थे, जिन्हें हटाने की रूपरेखा तैयार की गई है। इनमें शामिल हैं:
एक मस्जिद (नूरानी मस्जिद)
दो मंदिर
एक मजार
एक सत्संग भवन
सियासी हलचल और सोशल मीडिया का दबाव:
पिछले कुछ दिनों से इस मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण का काम तो चल रहा था, लेकिन मस्जिद को छोड़ दिया गया था। इसे लेकर सोशल मीडिया पर सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की तीखी आलोचना हो रही थी। चौतरफा दबाव के बाद जेडीए ने इस अतिक्रमण को भी हटाने का पूरा खाका तैयार कर अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है।
छावनी में तब्दील हुआ इलाका: इंटरनेट बंद और फ्लैग मार्च
इस अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे इलाके को किले में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित कड़े कदम उठाए हैं:
भारी पुलिस बल: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर 50 से अधिक प्रशासनिक अधिकारियों के साथ 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
डिजिटल पाबंदी: कानून-व्यवस्था न बिगड़े और अफवाहें न फैलें, इसके लिए एहतियात के तौर पर जिले के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं अस्थाई रूप से बंद कर दी गई हैं।
फ्लैग मार्च व ड्रोन निगरानी: शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने शहर के संवेदनशील और मुस्लिम बहुल इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला है। साथ ही, जयपुर पुलिस कमिश्नरेट और जेडीए के आला अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं और ड्रोन कैमरों से पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी: 'अफवाह फैलाई तो खैर नहीं'
जयपुर के पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने स्थिति को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि:
सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के भड़काऊ, तथ्यहीन मैसेज या वीडियो शेयर न करें।
किसी भी प्रकार की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें।
शहर में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
एक्शन पर शुरू हुई 'सियासत'
जेडीए की इस बड़ी कार्रवाई के बाद राजधानी का सियासी पारा भी चढ़ गया है। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने प्रशासन की इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मौके पर पहुंचकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। फिलहाल, मौके पर भारी तनाव के बीच शांतिपूर्ण तरीके से कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।





