नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) ने बगदाद में हुई इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान पारित प्रस्तावों में भारत के खिलाफ की गई टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ये टिप्पणियां दुर्भावनापूर्ण, पक्षपातपूर्ण और पूरी तरह झूठी हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने एक सुनियोजित साजिश के तहत तैयार कराया है।
OIC की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल
विदेश मंत्रालय ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि OIC ने एक बार फिर पाकिस्तान को अपने कट्टरपंथी और निहित स्वार्थ वाले एजेंडे के लिए मंच का दुरुपयोग करने की अनुमति दी। मंत्रालय ने दो टूक कहा कि पाकिस्तान के लगातार दुष्प्रचार का समर्थन करने से OIC की अपनी विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। भारत ने उम्मीद जताई है कि संगठन के सदस्य देश इसमें सुधार करेंगे और अधिक जिम्मेदारी से काम करेंगे।
'जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग'
भारत ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया है कि OIC को भारत के आंतरिक मामलों में दखل देने या टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है:
- अभिन्न अंग: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा से भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग रहे हैं और रहेंगे। किसी भी तरह का राजनीतिक रूप से प्रेरित दुष्प्रचार इस जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकता।
- विकास की राह: अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में अभूतपूर्व आर्थिक विकास हुआ है। बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर), पर्यटन और कनेक्टिविटी के सुधरने से वहां के आम नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है।
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PoJK में हिंसा और मानवाधिकार हनन पर पाकिस्तान को आईना
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हालिया हालातों का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई। मंत्रालय ने कहा कि PoJK में नागरिक प्रदर्शनकारियों पर जिस तरह से हिंसा, दमन और बर्बरता की गई है, वह जगजाहिर है। वहां सुरक्षा बलों की कार्रवाई में महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है।
भारत ने जोर देकर कहा कि मीडिया पर तमाम पाबंदियां लगाने के बावजूद वहां हो रहे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को छुपाया नहीं जा सकता। जम्मू-कश्मीर से जुड़ा एकमात्र लंबित मुद्दा यह है कि पाकिस्तान अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्रों को खाली करे और भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करना पूरी तरह बंद करे।
पाकिस्तान अपनी नाकामियों से ध्यान भटका रहा है
इस्लामोफोबिया सहित भारत के खिलाफ लगाए गए अन्य सभी आरोपों को मनगढ़ंत और शत्रुतापूर्ण बताते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपने देश में अल्पसंख्यकों के हो रहे भीषण उत्पीड़न, सांप्रदायिक हिंसा, शासन की नाकामी और गहरे राजनीतिक संकट से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहा है।
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