अंबाला/जम्मू: जम्मू के आरएसपुरा सेक्टर स्थित बाल सुधार गृह से फरार हुए दो पाकिस्तानी नागरिकों, अहसान अनवर और मोहम्मद सनाउल्लाह, को पकड़ने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उन्हें वापस अंबाला कैंट लेकर पहुंचीं। एसटीएफ (STF) और जम्मू पुलिस की संयुक्त टीम ने इन आरोपियों से उस होटल की निशानदेही करवाई, जहाँ इन्होंने फरारी के दौरान फर्जी पहचान पत्रों (Fake ID) के सहारे शरण ली थी।

अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के पास से हुई थी गिरफ्तारी

बाल सुधार गृह से भागने के बाद ये दोनों आरोपी पंजाब के रास्ते हरियाणा में दाखिल हुए थे। अंबाला एसटीएफ को मिले सटीक इनपुट के आधार पर इन्हें रेलवे स्टेशन के पास से दबोचा गया था। पकड़े जाने के बाद इन्हें जम्मू पुलिस के हवाले किया गया था, जो अब इन्हें साक्ष्यों के संकलन के लिए वापस अंबाला लाई है।

लाल कुर्ती स्थित होटल में फर्जीवाड़ा

सुरक्षा एजेंसियां दोनों आरोपियों को लेकर अंबाला कैंट के लाल कुर्ती इलाके में स्थित उस होटल में पहुंचीं, जहाँ वे रुके थे। जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

फर्जी पहचान पत्र: आरोपियों ने होटल में कमरा लेने के लिए जाली आईडी प्रूफ का इस्तेमाल किया था।

सीसीटीवी फुटेज: टीम ने होटल का रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले ली है ताकि इनके संपर्क में आए अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

निशानदेही: दोनों ने कबूल किया कि वे फरारी के बाद एक रात के लिए इसी होटल में ठहरे थे।

तीसरे आरोपी कर्मजीत उर्फ गुग्गा की तलाश जारी

इस सनसनीखेज फरारी में केवल ये दो पाकिस्तानी ही शामिल नहीं थे। इनके साथ जम्मू का एक अपराधी कर्मजीत सिंह उर्फ गुग्गा भी फरार हुआ था।

फरार गुग्गा: एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान कर्मजीत सिंह भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।

नया नाम 'ठाकुर': जांच के दौरान 'ठाकुर' नाम के एक अन्य संदिग्ध का नाम भी सामने आया है, जो इस फरारी की साजिश में शामिल बताया जा रहा है।

सुरक्षा चूक पर बड़े सवाल

जम्मू के अति-सुरक्षित बाल सुधार गृह से दो पाकिस्तानी घुसपैठियों और एक स्थानीय अपराधी का एक साथ फरार होना और सीमा पार कर हरियाणा तक पहुंच जाना, सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आरोपीस्थिति
अहसान अनवर (पाकिस्तानी)गिरफ्तार (निशानदेही जारी)
मोहम्मद सनाउल्लाह (पाकिस्तानी)गिरफ्तार (निशानदेही जारी)
कर्मजीत सिंह उर्फ गुग्गाफरार (तलाश जारी)
ठाकुर (संदिग्ध)फरार (जांच के दायरे में)

अधिकारियों का बयान: "होटल प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने आईडी की सत्यता की जांच क्यों नहीं की। फर्जी आईडी बनाने वाले नेटवर्क को ध्वस्त करना हमारी प्राथमिकता है।"