नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के 12वें दिन भारतीय राजनीति में एक नया उबाल आ गया है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। दुबे ने राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश को अस्थिर करने और सदन को गुमराह करने का गंभीर आरोप लगाते हुए एक 'सब्सटेंटिव मोशन' (Substantive Motion) पेश किया है।

विवाद की जड़: 'एपस्टीन फाइल्स' और भारत-यूएस ट्रेड डील

यह टकराव तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने सदन में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर सीधा हमला बोला। राहुल ने अमेरिका में सार्वजनिक हुई 'एपस्टीन फाइल्स' का हवाला देते हुए मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक आरोप लगाए। इसके साथ ही उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) पर सरकार को घेरते हुए कहा कि "भारत माता को बेच दिया गया है"।

निशिकांत दुबे के गंभीर आरोप

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई कड़े सवाल दागे:

विदेशी फंडिंग का आरोप: दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के संबंध 'सोरोस फाउंडेशन' (Soros Foundation), USAID और फोर्ड फाउंडेशन जैसे संगठनों से हैं, जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

अप्रकाशित पुस्तक का मामला: उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब के अंश राहुल गांधी के पास कैसे पहुँचे?

संस्थानों को बदनाम करना: नोटिस में कहा गया है कि राहुल गांधी ने न केवल सरकार बल्कि चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट जैसे संवैधानिक संस्थानों की छवि भी बिगाड़ने की कोशिश की है।

दूसरी बार सदस्यता पर संकट?

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी की सांसदी खतरे में है। इससे पहले मार्च 2023 में 'मोदी सरनेम' मानहानि मामले में दो साल की सजा मिलने के बाद उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने बहाल किया था।

क्या होता है 'सब्सटेंटिव मोशन'?

संसदीय कार्यवाही में यह एक स्वतंत्र प्रस्ताव होता है, जो किसी गंभीर मुद्दे पर चर्चा और निर्णय के लिए लाया जाता है। निशिकांत दुबे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने 'विशेषाधिकार हनन' (Privilege Motion) के बजाय यह मार्ग चुना है ताकि राहुल गांधी की सदस्यता और उनके आचरण पर विस्तृत चर्चा और वोटिंग हो सके।

विपक्ष का पलटवार: कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने इसे भाजपा की 'सेल्फ-डिफेंस स्ट्रेटेजी' करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब भी राहुल गांधी सरकार को तथ्यों के साथ घेरते हैं, भाजपा ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाती है।