कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद अब नई सरकार के गठन की आधिकारिक प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य में दशकों बाद आए इस बड़े राजनीतिक बदलाव को यादगार बनाने के लिए शपथ ग्रहण समारोह की तारीख का ऐलान कर दिया गया है। आगामी 9 मई को नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

समिक भट्टाचार्य ने की आधिकारिक घोषणा

बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आज मीडिया से बात करते हुए बताया कि शपथ ग्रहण समारोह के लिए 9 मई की तिथि चुनी गई है। पार्टी इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है, जिसमें केंद्र सरकार के दिग्गज मंत्रियों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री के नाम पर 'सस्पेंस' बरकरार

शपथ ग्रहण की तारीख तय होने के बावजूद, सबसे बड़ा सवाल अब भी अनुत्तरित है— बंगाल का मुख्यमंत्री कौन होगा?

पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर मंथन का दौर जारी है।

भवानीपुर और नंदीग्राम में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले शुभेंदु अधिकारी इस रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय दिल्ली में होने वाली 'संसदीय दल' की बैठक में लिया जाएगा।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि शपथ ग्रहण से एक-दो दिन पहले पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नेता का चयन कर राज्यपाल को सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।

प्रशासनिक तैयारियां तेज

कोलकाता के राजभवन और सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। नई सरकार के एजेंडे में कानून-व्यवस्था की बहाली और चुनावी घोषणा पत्र (संकल्प पत्र) के वादों को पहली कैबिनेट में लागू करना प्राथमिकता बताया जा रहा है।

15 साल के तृणमूल कांग्रेस शासन के अंत के बाद, 9 मई का दिन बंगाल की नई प्रशासनिक और राजनीतिक यात्रा की शुरुआत का साक्षी बनेगा।

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