मध्यमग्राम (उत्तर 24 परगना): पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में बुधवार की रात खून-खराबे और दहशत के नाम रही। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ (41) की पेशेवर हमलावरों ने पॉइंट-ब्लैंक रेंज से गोली मारकर हत्या कर दी। इस सुनियोजित हमले ने राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वारदात का खौफनाक मंजर
घटना बुधवार रात करीब 10:20 बजे जेस्सोर रोड स्थित दोहड़िया इलाके में हुई। चंद्रनाथ रथ अपनी सफेद स्कॉर्पियो SUV से घर लौट रहे थे। चश्मदीदों के अनुसार, एक संदिग्ध कार ने अचानक उनकी SUV का रास्ता रोका। इससे पहले कि रथ कुछ समझ पाते, मोटरसाइकिलों पर सवार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और खिड़की से पिस्टल सटाकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
'ग्लॉक' पिस्तौल और पेशेवर साजिश
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए Glock 47X जैसी अत्याधुनिक पिस्तौलों का इस्तेमाल किया गया। हमलावरों ने रथ के सीने और पेट को निशाना बनाकर कई राउंड फायर किए।
हताहत: चंद्रनाथ रथ को तीन गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घायल: उनके सहयोगी बुद्धदेव बेरा, जो गाड़ी चला रहे थे, उन्हें भी गंभीर चोटें आई हैं और वे अस्पताल में जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
रेकी और फर्जीवाड़ा
प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले 3-4 दिनों तक इलाके की रेकी की थी। हमले में इस्तेमाल की गई कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी पाई गई है। डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि घटनास्थल से खाली कारतूस और जिंदा गोला-बारूद बरामद किया गया है।
"यह एक कोल्ड-ब्लडेड मर्डर है। चंद्रनाथ ने नंदीग्राम और भवानीपुर के चुनावी प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई थी, इसीलिए उन्हें सोची-समझी साजिश के तहत निशाना बनाया गया।" — सुवेंदु अधिकारी, नेता प्रतिपक्ष
राजनीतिक सरगर्मी तेज
सुवेंदु अधिकारी ने इस हत्या को "पूर्व नियोजित" करार देते हुए आरोप लगाया कि उनके कुशल चुनावी प्रबंधन के कारण ही रथ की जान ली गई। हालांकि, उन्होंने वर्तमान पुलिस जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि पुलिस सही दिशा में बढ़ रही है। दूसरी ओर, राज्य प्रशासन और पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि पेशेवर शार्पशूटरों का सुराग लगाया जा सके।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुख्य अंश:
शरीर में तीन गोलियां लगने की पुष्टि।
महत्वपूर्ण अंगों के डैमेज होने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मृत्यु।
अस्पताल ले जाने से पहले ही तोड़ा दम।
फिलहाल मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में भारी तनाव व्याप्त है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस इस हत्याकांड के पीछे के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।





