पुणे। महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में जहरीली शराब (Spurious Liquor) के सेवन से मचे कोहराम में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 18 हो चुका है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। घटना का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी पूरी जांच सीआईडी (CID) को सौंप दी गई है।

मुनाफे की सनक: ऑनलाइन मंगाया 'मौत का केमिकल'

पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त जांच में मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, योगेश महज थोड़े से आर्थिक मुनाफे के लिए लोगों की जिंदगी से खेल रहा था।

ऐसे चलता था खेल: आरोपी योगेश वानखेड़े, राधेश्याम प्रजापति नाम के शख्स से ₹1900 प्रति 35 लीटर के केन के हिसाब से अवैध शराब खरीदता था। इसके बाद वह इसे पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ की विभिन्न अवैध दुकानों पर ₹2700 प्रति केन के भाव से बेच देता था।

मेथनॉल की मिलावट: अपना प्रॉफिट मार्जिन और शराब की मात्रा बढ़ाने के लिए उसने शॉर्टकट अपनाया। उसने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए घातक केमिकल 'मेथनॉल' मंगाया और उसे शराब में मिलाना शुरू कर दिया। यही मेथनॉल लोगों के लिए काल बन गया।

कहाँ कितनी मौतें? 6 की हालत बेहद नाजुक

इस जहरीले कॉकटेल ने दो बड़े इलाकों में भारी तबाही मचाई है:

पिंपरी-चिंचवाड़ (फुगेवाड़ी-दापोड़ी): यहाँ अब तक सबसे ज्यादा 12 लोगों की जान जा चुकी है। फुगेवाड़ी में अभी भी 5-6 मरीजों की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जो वेंटिलेटर/अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

पुणे (हड़पसर): यहाँ जहरीली शराब के कारण 6 लोगों की मौत दर्ज की गई है।

अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीज:

सुभाष दिग्गिकर, चंदन कुमार, श्रीमंत कोली, जीतू शिवातपुरी और प्रकाश राठौड़ समेत कई लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

आबकारी और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल

पुणे जैसे विकसित और हाई-टेक शहर में पुलिस और आबकारी विभाग की नाक के नीचे इतना बड़ा अवैध नेटवर्क और गोरखधंधा कैसे फल-फूल रहा था? इस सवाल पर फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। हालांकि, किरकिरी होने के बाद आबकारी विभाग ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी स्थानीय या अनधिकृत ठिकाने से शराब न खरीदें और केवल सरकार द्वारा अधिकृत दुकानों का ही रुख करें।

पुराना हिस्ट्रीशीटर है योगेश, अब तक 8 दबोचे गए

मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े कोई नौसिखिया नहीं है, वह पहले भी अवैध शराब की तस्करी और निर्माण के मामले में जेल की हवा खा चुका है और उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए छापेमारी लगातार जारी है। अब तक मुख्य आरोपी समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 5 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सीआईडी की एंट्री के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि इस रैकेट से जुड़े कुछ सफेदपोशों और बड़े सप्लायर्स की गिरफ्तारियां भी जल्द हो सकती हैं।

मृतकों की सूची (श्रद्धांजलि):

हड़पसर (पुणे) के मृतक: यशवंत रघुनाथ पवार, राहुल शरद क्षीरसागर, दत्ता माधवराव सूर्यवंशी, अरुण वामन डाडर, अशोक रमेश चव्हाण, विजय भुकरलाल शर्मा।

पिंपरी-चिंचवाड़ के मृतक: पांडुरंग सखाराम फुगे, अकबर आजिमखान पठान, राजेश शांताराम राजपूत, विजय प्रकाश राठौड़, राजेंद्र प्रकाश राठौड़, बाबा सय्यद अली शेख, आनंद पांडेराव देसाई, आनंद काशीनाथ निकालजे, भीमअन्ना बसअन्ना नागराल, अक्षय अशोक अवसरमल, सचिन रामचंद्र नेटके, सुरप्पा मणप्पा बंगारी।