पंजाब : रिश्तों का कत्ल और कानून को चुनौती रिश्तों की पवित्रता और पिता के संरक्षण को शर्मसार करने वाली एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना पंजाब के गांव अलीपुर मंडवाल (थाना खेड़ी गंडियां) से सामने आई है। एक पत्थरदिल पिता ने अपनी पत्नी से चल रहे विवाद और उसके घर वापस न लौटने के गुस्से में अपनी ही 15 वर्षीय मासूम बेटी, मनिंदर कौर की बेरहमी से हत्या कर दी। साक्ष्यों को मिटाने की नीयत से आरोपित ने बिना किसी को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया, जिससे मानवता और कानून दोनों स्तब्ध हैं।
बदले की आग में बनी 'बेटी' बलि का बकरा
घटनाक्रम के अनुसार, आरोपित परमजीत सिंह का अपनी पत्नी लखविंदर कौर से पिछले तीन वर्षों से विवाद चल रहा था। विवाद के कारण लखविंदर अपने बेटे के साथ अलग रह रही थी, जबकि 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली मनिंदर कौर अपने पिता के साथ रह रही थी। आरोपित लगातार पत्नी को वापस आने के लिए मजबूर कर रहा था और बार-बार बेटी को मारने की धमकियां दे रहा था। 26 अप्रैल को उसने अपनी धमकियों को खौफनाक अंजाम देते हुए चुन्नी से गला दबाकर बेटी की जान ले ली।
सबूत मिटाने की साजिश: पुलिस के पहुंचने से पहले जली चिता
अपनी घिनौनी करतूत को छिपाने के लिए परमजीत ने गांव के श्मशानघाट में आनन-फानन में बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया।
देरी से मिली सूचना: मृतका की माँ को जब इसकी भनक लगी, तो उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचित किया।
राख में तब्दील हुई देह: जब तक पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुँची, मनिंदर की देह पूरी तरह जल चुकी थी।
सैंपल एकत्रित: फॉरेंसिक टीम ने चिता से अस्थियों और अन्य जरूरी अवशेषों के सैंपल लिए हैं ताकि वैज्ञानिक आधार पर हत्या की पुष्टि की जा सके।
पीड़ित माँ के गंभीर आरोप
श्मशानघाट में अपनी बेटी की राख देख बिलख रही लखविंदर कौर ने पुलिस को दिए बयानों में केवल हत्या ही नहीं, बल्कि एक और संगीन अंदेशा जताया है।
"मेरी बेटी पढ़ाई में बहुत होशियार थी। मुझे शक है कि हत्या से पहले उसके साथ कोई गलत हरकत की गई हो सकती है, जिसे छिपाने के लिए आरोपितों ने इतनी जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया। मैं तब तक शांत नहीं बैठूँगी जब तक इस कातिल बाप को सख्त सजा नहीं मिल जाती।"
कानूनी कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
पुलिस थाना खेड़ी गंडियां के प्रभारी जरनैल सिंह भुल्लर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया:
FIR दर्ज: आरोपित परमजीत सिंह के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार: श्मशानघाट से लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद केस में और भी कड़े वैज्ञानिक तथ्य जोड़े जाएंगे।
जल्द गिरफ्तारी: पुलिस की टीमें आरोपित की तलाश में छापेमारी कर रही हैं और दावा किया गया है कि उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
यह घटना समाज के सामने यह कड़वा सवाल छोड़ गई है कि आपसी कलह में बच्चों की बलि कब तक चढ़ती रहेगी? प्रशासन अब इस मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की कोशिश में जुटा है।





