बरनाला | समाचार डेस्क: पंजाब के बरनाला जिले के फरवाही गांव में रविवार की सुबह एक भीषण हादसा पेश आया। मरम्मत के दौरान एक रिहायशी मकान अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया, जिसकी चपेट में आने से तीन मजदूर युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मलबे में दबे एक अन्य युवक की तलाश के लिए राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।

हादसे की मुख्य वजह: सीवरेज का रिसाव

प्राप्त जानकारी के अनुसार, फरवाही निवासी विशाल पुत्र जीवन कुमार का मकान पिछले कुछ समय से खतरे की जद में था। सीवरेज का पानी लगातार नींव में जाने के कारण मकान एक तरफ से झुक गया था। इस ढांचे को सुरक्षित करने और ऊपर उठाने (Lifting) का काम मोगा के ठेकेदार रणजीत द्वारा किया जा रहा था।

नींद में ही काल बन गई दीवार

हादसे के समय शनिवार रात चार मजदूर—बॉबी सिंह, प्रिंस, गुरजीत सिंह और एक अन्य अज्ञात युवक (सभी मोगा निवासी)—उसी मकान के भीतर सो रहे थे। रविवार सुबह अचानक मकान की एक मुख्य दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे पूरा ढांचा ढह गया और चारों युवक गहरे मलबे में दब गए।

हताहत: मलबे से अब तक तीन युवकों के शव निकाले जा चुके हैं, जिन्हें सिविल अस्पताल बरनाला के शवगृह में रखवाया गया है।

बचाव कार्य: चौथे युवक को सुरक्षित निकालने या तलाशने के लिए प्रशासन और स्थानीय लोग लगातार मशक्कत कर रहे हैं।

इलाके में शोक और जांच के आदेश

इस घटना के बाद पूरे फरवाही गांव और बरनाला जिले में मातम का माहौल है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी या सीवरेज विभाग की लापरवाही इस बड़े हादसे का मुख्य कारण बनी।