भोपाल
मध्य प्रदेश में मानसून की धमाकेदार एंट्री के बाद उसकी आगे बढ़ने की रफ्तार पर फिलहाल थोड़ा 'ब्रेक' लग गया है। हालांकि, प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में प्री-मानसून और स्थानीय सिस्टम के चलते झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 43 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून पिछले तीन दिनों से 15 जिलों की सीमा पर ही ठहरा हुआ है, लेकिन अगले 48 से 72 घंटों में अनुकूल परिस्थितियां बनते ही यह फिर सक्रिय होगा और भोपाल-उज्जैन संभाग को तरबतर करते हुए आगे बढ़ेगा।
मानसून का करंट स्टेटस: कहाँ अटका है सिस्टम?
24 जून को मानसून ने प्रदेश के दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी हिस्से से प्रवेश किया था। इसकी अब तक की स्थिति इस प्रकार है:
15 जिलों में एंट्री: मानसून अब तक डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, पांढुर्णा, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ और धार जिलों को कवर कर चुका है।
अगला टारगेट: अगले 2-3 दिनों में इसके भोपाल और उज्जैन संभाग में आगे बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
ग्वालियर-चंबल में देरी: अनुमान के मुताबिक, ग्वालियर और चंबल अंचल के जिलों में मानसून सबसे आखिर में दस्तक देगा।
शनिवार को इन 43 जिलों में बरसेंगे बादल
मौसम विभाग ने जिन प्रमुख जिलों के लिए बारिश की संभावना और अलर्ट जारी किया है, उन्हें भौगोलिक आधार पर नीचे देखा जा सकता है:
| संभाग / क्षेत्र | अलर्ट के दायरे में शामिल प्रमुख जिले |
|---|---|
| भोपाल व इंदौर संभाग | भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन। |
| उज्जैन व नर्मदापुरम | उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल। |
| जबलपुर व शहडोल | जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर। |
| रीवा व सागर संभाग | रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर। |
नोट: ग्वालियर-चंबल अंचल के जिलों में भी शनिवार को हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
बीते 24 घंटे का हाल: सिवनी में 2 इंच तो उज्जैन में डेढ़ इंच पानी गिरा
शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी और कड़कती बिजली के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई:
सिवनी में सबसे ज्यादा करीब 2 इंच और उज्जैन में 1.5 इंच से अधिक पानी गिरा।
शाजापुर, मंदसौर, इंदौर, रीवा और सागर में भी अच्छी बौछारें पड़ीं।
तापमान में गिरावट: लगातार हो रही इस बारिश के चलते मध्य प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन के पारे में भारी गिरावट आई है। खरगोन, खंडवा, सागर, छिंदवाड़ा और बैतूल जैसे जिलों में अधिकतम तापमान सिमटकर 30°C से 33°C के बीच आ गया है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, ग्वालियर संभाग में अभी भी तेज गर्मी का असर बना हुआ है।
वर्षा के आंकड़ों में सुधार, पर घाटा अब भी बरकरार
पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने प्रदेश के सूखे पड़े आंकड़ों में थोड़ा सुधार जरूर किया है:
24 जून तक स्थिति: राज्य में सामान्य से 50% कम बारिश दर्ज की गई थी।
वर्तमान स्थिति: हालिया बारिश के बाद यह घाटा सुधरकर 41% पर आ गया है।
हालांकि, जून का महीना बीतने को है और पश्चिमी मध्य प्रदेश के मुकाबले पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। किसानों और आम लोगों को अब मानसून के दोबारा पूरी तरह सक्रिय होने का इंतजार है।





