राँची।
झारखंड में आज (मंगलवार) से मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के 'गणना चरण' का शंखनाद हो गया है। इस महाअभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं के बीच गणना प्रपत्र (इन्यूमरेशन फॉर्म) वितरित करेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे प्रपत्र मिलते ही उसमें आवश्यक जानकारी भरकर और हस्ताक्षर कर बीएलओ को तुरंत लौटाएं। यह विशेष अभियान 29 जुलाई 2026 तक निरंतर जारी रहेगा।
2003 की मैपिंग: नागरिकता का सबसे मजबूत प्रमाण
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि राज्य में जारी एसआईआर कार्यक्रम में वर्ष 2003 में हुए विशेष पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मैपिंग की विवरणी को नागरिकता के लिए 'सुपीरियर दस्तावेज' माना गया है। जिन मतदाताओं की यह मैपिंग पूरी हो जाएगी, उन्हें भविष्य में सामान्यतः किसी अन्य दस्तावेज को देने की आवश्यकता नहीं होगी। वर्तमान में राज्य के 82.08% मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि शेष बचे 47 लाख से अधिक मतदाताओं से बीएलओ को अपना विवरण देकर मैपिंग कराने का आग्रह किया गया है।
पावती (Receipt) संभालकर रखें मतदाता
नियमों के अनुसार, बीएलओ द्वारा प्रत्येक मतदाता को आंशिक रूप से भरे हुए प्रपत्र की दो प्रतियां दी जाएंगी। मतदाता एक प्रति पर हस्ताक्षर कर बीएलओ को सौंपेंगे और दूसरी प्रति पावती (एक्नोलेजमेंट) के रूप में अपने पास सुरक्षित रखेंगे। जो मतदाता इस प्रपत्र को जमा करेंगे, केवल उन्हीं का नाम 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
नए वोटर्स के लिए सुनहरा मौका
यदि कोई नागरिक नए मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज कराना चाहता है और 1 अक्टूबर 2026 तक उसकी आयु 18 वर्ष पूरी हो रही है, तो वह गणना चरण या दावा-आपत्ति अवधि के दौरान फॉर्म-6 भरकर अपने बीएलओ के पास जमा कर सकता है। इसके साथ माता-पिता के नाम दर्ज वाली पुरानी मतदाता सूची के पृष्ठ को भी जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में संलग्न किया जा सकता है।
चेतावनी: गणना प्रपत्र में किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या झूठा घोषणा पत्र देना 'लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31' के तहत एक गंभीर और दंडनीय कानूनी अपराध है।
डायरी में नोट कर लें ये महत्वपूर्ण तारीखें
30 जून से 29 जुलाई: बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन और मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (Rationing)।
05 अगस्त: मतदाता सूची के प्रारूप (Draft) का अंतिम प्रकाशन।
05 अगस्त से 04 सितंबर: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।
05 अगस्त से 03 अक्टूबर: नोटिस फेज तथा प्राप्त आपत्तियों का निस्तारण।
07 अक्टूबर 2026: मतदाता सूची का अंतिम (Final) प्रकाशन।
मैपिंग और बीएलए-2 (BLA-2) की वर्तमान स्थिति
राज्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों द्वारा कुल 74,320 बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) नियुक्त किए गए हैं। इस सूची में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सबसे आगे है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) ने एक भी एजेंट नियुक्त नहीं किया है।
राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त एजेंटों की संख्या:
| राजनीतिक दल | नियुक्त एजेंट (BLA-2) |
|---|---|
| भाजपा (BJP) | 28,217 |
| झामुमो (JMM) | 19,269 |
| कांग्रेस (INC) | 19,153 |
| आजसू (AJSU) | 4,596 |
| राजद (RJD) | 2,980 |
| सीपीआईएम (CPIM) | 103 |
| बसपा (BSP) | 02 |
| आप (AAP) | 00 |
| कुल योग | 74,320 |
वोटर मैपिंग का रिपोर्ट कार्ड:
कुल मतदाता: 2,64,63,236
सफलतापूर्वक मैपिंग हुए मतदाता: 2,17,20,731 (82.08%)
शेष बचे मतदाता: 47,42,505
शिकायत के लिए तुरंत मिलाएं '1950'
निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या जानकारी के लिए मतदाता टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं। इस कॉल सेंटर पर रोजाना मिलने वाली 25-30 शिकायतों का त्वरित निवारण किया जा रहा है। सभी बूथों पर होने वाली बैठकों की तस्वीरें भी 'बीएलओ ऐप' पर ऑनलाइन अपलोड की जा रही हैं ताकि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।





