शिवगंगा (तमिलनाडु):

तमिलनाडु के शिवगंगा जिले से कानून-व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ पुलिस विभाग में तैनात एक 30 वर्षीय महिला आर्म्ड रिजर्व (AR) कॉन्स्टेबल के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के चंद घंटों के भीतर ही मुख्य आरोपी (महिला के बॉयफ्रेंड) और उसके दो दोस्तों समेत कुल तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

साजिश के तहत सुनसान जगह ले गया बॉयफ्रेंड

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता शुक्रवार को अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद अपने बॉयफ्रेंड डी. रॉबिन (निवासी थूथई, शिवगंगा) के साथ डिनर पर गई थी। डिनर के बाद रॉबिन पीड़िता को एक सुनसान इलाके में ले गया, जहाँ दोनों के बीच आपसी सहमति से शारीरिक संबंध बने।

दोस्तों को बुलाकर रची घिनौनी साजिश

वारदात में मोड़ तब आया जब रॉबिन ने कथित तौर पर एक साजिश के तहत अपने दोस्त पी. महाराजा (निवासी सिथलंगुडी) को वहाँ बुला लिया। महाराजा, जो पीड़िता का पूर्व बॉयफ्रेंड (एक्स-बॉयफ्रेंड) भी था, अपने एक अन्य साथी के. हरीश राजन के साथ मौके पर पहुँचा।

आरोप है कि महाराजा ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। जब महिला कॉन्स्टेबल ने इसका कड़ा विरोध किया, तो महाराजा और हरीश राजन ने उसके साथ बारी-बारी से दरिंदगी की। इस पूरी घटना के दौरान मुख्य आरोपी रॉबिन मूकदर्शक बना रहा।

पीड़िता ने दिखाई हिम्मत, पुलिस की त्वरित कार्रवाई

इस खौफनाक वारदात के बाद पीड़िता ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागकर तुरंत पुलिस को सूचित किया। महिला कॉन्स्टेबल की शिकायत के आधार पर ऑल विमेन पुलिस स्टेशन (AWPS), शिवगंगा ने शनिवार को त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों नामजद आरोपियों—डी. रॉबिन, पी. महाराजा और के. हरीश राजन को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया।

काउंसलिंग और चिकित्सीय सहायता

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सदमे से उबारने के लिए पीड़िता की उचित काउंसलिंग की भी व्यवस्था की जा रही है ताकि उसे मानसिक संबल मिल सके। मामले की आगे की जाँच जारी है।