चंडीगढ़: मई की झुलसाने वाली गर्मी के बीच रविवार (03 मई, 2026) की सुबह ट्राईसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) के लिए भारी उथल-पुथल भरी रही। तड़के आई तेज धूल भरी आंधी और उसके बाद हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र में तबाही के निशान छोड़े हैं। हालांकि, इस मौसम ने तापमान में गिरावट लाकर लोगों को ठंडक का एहसास कराया, लेकिन बुनियादी सुविधाओं को भारी नुकसान पहुँचाया है।
बिजली और पानी की आपूर्ति ठप
तेज आंधी के चलते सैकड़ों पेड़ बिजली की लाइनों पर गिर गए, जिससे सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग को तुरंत सप्लाई रोकनी पड़ी। बिजली गुल होने का सीधा असर पानी की पंपिंग पर पड़ा, जिसके कारण चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के कई हिस्सों में रविवार सुबह पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही।
सड़कों पर पेड़ों का कब्जा, यातायात प्रभावित
आंधी इतनी भीषण थी कि ट्राईसिटी के विभिन्न सेक्टरों और मुख्य सड़कों पर सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़ गए। विशेष रूप से मोहाली में कई स्थानों पर विशालकाय पेड़ सड़कों के बीचों-बीच गिर गए, जिससे सुबह का यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासन द्वारा सड़कों से मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
पारे में भारी गिरावट
बारिश और ठंडी हवाओं के कारण ट्राईसिटी के तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सुबह का पारा गिरकर 27 डिग्री तक पहुँच गया, जिससे मई के महीने में भी लोगों को हल्की ठंडक का अनुभव हुआ। आसमान में लगातार कड़कती बिजली और घने बादलों ने पूरे शहर में अंधेरा सा कर दिया था।
राहत की खबर: कोई जानी नुकसान नहीं
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अभी तक कहीं से भी किसी व्यक्ति के हताहत होने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, पर्यावरण और संपत्ति को काफी नुकसान पहुँचा है।
विशेष नोट: प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि जब तक सड़कों से पेड़ हटाने और बिजली की तारों की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक सावधानी बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें।





