बर्धमान / कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और जिला पुलिस की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान समर्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी मोहम्मद हामिद (हामिद मंडल) को गिरफ्तार किया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के पास से पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों, वीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित संवेदनशील दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिसके बाद राज्य में संभावित हमले की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
एजेंसियों से बचने के लिए किराए के फ्लैट में छुपा था आरोपी
रेनेसां हाउसिंग में छापेमारी: एसटीएफ ने गुरुवार देर रात बर्धमान शहर के रेनेसां हाउसिंग कॉम्प्लेक्स स्थित एक किराए के मकान में छापेमारी कर आरोपी को धर दबोचा। वह जांच एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए पिछले दो-तीन महीनों से वहां अपना ठिकाना बनाए हुए था।
पाकिस्तान में ट्रेनिंग और ISI से संबंध: खुफिया सूत्रों के मुताबिक, हामिद ने पाकिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण प्राप्त किया है और वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के सीधे संपर्क में था।
पुलवामा हमले के मुख्य आरोपी का करीबी: हामिद को सज्जाद भट का करीबी सहयोगी माना जा रहा है। ज्ञात हो कि सज्जाद भट वर्ष 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल रहा है।
कपड़ा कारखाने में करता था काम: शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले हावड़ा के पीलखाना इलाके में एक कपड़ा कारखाने में काम करता था। बर्धमान में वह अपने परिवार के साथ रहता था, लेकिन स्थानीय पड़ोसियों से उसका कोई खास मेलजोल नहीं था।
अदालत से रिमांड की मांग, बड़े नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की है। एसटीएफ और पश्चिम बंगाल पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि हामिद के संपर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा क्या राज्य में जैश का कोई बड़ा स्लीपर सेल या मॉड्यूल सक्रिय है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़े दावों पर विस्तृत आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज: बीजेपी का टीएमसी सरकार पर हमला
इस गिरफ्तारी के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता देबजीत ने आरोप लगाते हुए कहा:
"पश्चिम बंगाल दशकों तक वाम मोर्चा और टीएमसी सरकार के शासनकाल के दौरान कट्टरपंथी इस्लामी समूहों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बना रहा। लेकिन अब राज्य की राजनीतिक विचारधारा और उग्रवाद के खिलाफ सख्त रुख से बौखलाकर कट्टरपंथी समूह उन नेताओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो चरमपंथ के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं।"





