गुवाहाटी/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में अवैध घुसपैठ के खिलाफ निर्णायक युद्ध का शंखनाद कर दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बंगाल की सुरक्षा अब 'असम और त्रिपुरा मॉडल' की तर्ज पर सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि देश के हित में जो काम असम और त्रिपुरा में हुए हैं, अब वही कार्य बीजेपी के नेतृत्व में बंगाल में भी दोहराए जाएंगे।
सीमा सुरक्षा के लिए 'मिशन 45 डेज'
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती टीएमसी (TMC) सरकार ने तुष्टीकरण की राजनीति के चलते सीमा सुरक्षा से समझौता किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ (BSF) को जमीन नहीं दी गई।
बड़ा फैसला: सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि उनकी सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
समय सीमा: कैबिनेट की पहली बैठक के फैसले के अनुसार, आगामी 45 दिनों के भीतर बाड़ लगाने के लिए जरूरी जमीन केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी।
मोदी के 'पूर्वोदय' अभियान को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पूर्वोदय' विजन पर जोर देते हुए एक व्यापक पूर्वी गठबंधन (Eastern Alliance) का प्रस्ताव रखा।
उनका लक्ष्य बीजेपी शासित पूर्वी राज्यों—असम, त्रिपुरा और बंगाल—के बीच सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए बेहतर तालमेल बिठाना है।
उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा को अपना 'मार्गदर्शक और संकटमोचक' बताते हुए उनके शासन की सराहना की।
प्रमुख बिंदु: सुवेंदु सरकार का रोडमैप
| प्राथमिकता | कार्य योजना |
|---|---|
| घुसपैठ पर रोक | अवैध घुसपैठियों से निपटने के लिए असम की तर्ज पर सख्त कानून। |
| सीमा प्रबंधन | बांग्लादेश सीमा पर तेजी से बाड़ लगाना और कड़ी निगरानी। |
| BSF को सहयोग | जमीन विवाद को सुलझाकर केंद्रीय सुरक्षा बलों को खुली छूट। |
| क्षेत्रीय सुरक्षा | पड़ोसी राज्यों के साथ राजनीतिक और सुरक्षा रणनीति साझा करना। |
"असम की तरह ही हम भी अवैध घुसपैठियों से निपटने और बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। अब बंगाल की जमीन का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होगा।"
— सुवेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल





