कोलकाता/नंदीग्राम: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। भाजपा के फायरब्रांड नेता शुभेंदु अधिकारी ने न केवल अपनी नंदीग्राम सीट बचाई, बल्कि भवानीपुर के 'गढ़' में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर एक ऐतिहासिक उलटफेर कर दिया है। जीत के बाद अधिकारी के तेवर बेहद हमलावर नजर आए, जहाँ उन्होंने टीएमसी के भविष्य और चुनावी समीकरणों पर बेबाक टिप्पणी की।

ममता और टीएमसी को दोहरी पटखनी

इस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी 'जायंट किलर' बनकर उभरे हैं। चुनावी आंकड़े उनकी बढ़त की कहानी खुद बयाँ कर रहे हैं:

भवानीपुर: शुभेंदु ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराकर उनके राजनीतिक किले को ढहा दिया। अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी 58,812 वोटों पर सिमट गईं।

नंदीग्राम: यहाँ उन्होंने टीएमसी के पवित्र कर को 9,665 वोटों से शिकस्त देकर अपनी पकड़ साबित की।

"24 घंटे में खत्म हो जाएगी टीएमसी"

अपनी जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने सीधे तौर पर धार्मिक ध्रुवीकरण और टीएमसी की कार्यशैली पर प्रहार किया। उन्होंने कहा:

"यह भ्रष्ट और परिवारवादी पार्टी है, जिसकी कोई विचारधारा नहीं है। टीएमसी अब बर्बाद हो जाएगी, अगले 24 घंटे के भीतर यह खत्म हो जाएगी।"

वोटिंग पैटर्न पर टिप्पणी करते हुए अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि उन्हें एक समुदाय (हिंदू) का पूरा समर्थन मिला, जबकि दूसरे समुदाय (मुस्लिम) के वोट पूरी तरह टीएमसी को गए। उन्होंने संकल्प दोहराया कि वे नंदीग्राम के उन लोगों के लिए काम करेंगे जिन्होंने उन पर भरोसा जताया है।

मोदी की 'गारंटी' और शाह का 'संकल्प'

शुभेंदु ने जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीतियों को दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अब उन सभी वादों को पूरा करेगी जो चुनावी घोषणा पत्र में किए गए थे। उन्होंने 'मोदी की गारंटी' को बंगाल के विकास का मुख्य आधार बताया।

विपक्ष का सूपड़ा साफ

जहाँ एक ओर शुभेंदु और ममता के बीच सीधी टक्कर थी, वहीं वामपंथ की ओर से माकपा के श्रीजीव बिस्वास जैसे उम्मीदवार मुकाबले में कहीं टिकते नजर नहीं आए। भवानीपुर और नंदीग्राम की इन जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बंगाल की सत्ता का केंद्र अब पूरी तरह बदल चुका है।