मुंबई/ठाणे।

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसमें हैरान करने वाले और बेहद सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि परीक्षा के प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय की गई थी। यह मामला अब सिर्फ एक परीक्षा या राज्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने देश भर में फैले एक बहुत बड़े परीक्षा माफिया नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। इस रैकेट के तार महाराष्ट्र के अलावा बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैले हुए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा को तुरंत स्थगित कर दिया गया है। इस परीक्षा में राज्य भर के 1,728 केंद्रों पर करीब 6 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की तैयारी थी।

भिवंडी पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, 3 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई के पास भिवंडी पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:

राजीव श्रीप्रयाग साव (निवासी: पटना, बिहार)

आकाश कुमार स्वराज कुमार (निवासी: पटना, बिहार)

धीरज बलराज सिंह (निवासी: पानीपत, हरियाण)

ये तीनों आरोपी प्रश्नपत्रों की खरीद-फरोख्त और इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क को संचालित करने में मुख्य भूमिका निभा रहे थे।

आरोपियों से मिला 'अंतरराष्ट्रीय' सामान

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से जो दस्तावेज और सामान बरामद किए हैं, वे किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं। बरामद सामानों की सूची निम्नलिखित है:

TET परीक्षा के 4 अलग-अलग प्रश्नपत्र सेट

भारत और नेपाल की मुद्रा (कैश)

मोबाइल फोन, एटीएम, डेबिट कार्ड और बैंक चेक

पहचान पत्र ([Aadhaar Card Redacted], पैन कार्ड, वोटर आईडी)

प्रेस आईडी कार्ड और लोक जनशक्ति पार्टी का कार्ड

इन सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

कौन है मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता?

इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य संचालक बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला बिजेंद्र कुमार गुप्ता है, जो फिलहाल फरार है। हालांकि, पुलिस ने पटना से उसकी पत्नी सुमन कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है।

25 साल का इतिहास: जांच एजेंसियों के मुताबिक, बिजेंद्र कुमार गुप्ता कोई नया अपराधी नहीं है। वह पिछले 25 सालों से विभिन्न राज्यों में सक्रिय होकर सरकारी भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वाले गिरोहों से जुड़ा रहा है। साल 2011 के एक बड़े पेपर लीक मामले में भी उसका नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था।

SIT के हाथ में कमान, 5 राज्यों में छापेमारी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) पवन बनसोडे की सीधी निगरानी में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। SIT अब फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों— हरियाणा के कपिल दहिया और बिहार के बिजेंद्र कुमार की तलाश में उत्तर प्रदेश के आगरा सहित कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही है।

SIT का मुख्य फोकस अब इस बात पर है कि पेपर आखिर किस स्तर से और किस सरकारी या निजी दफ्तर से लीक हुआ था, और इसे किन-किन अभ्यर्थियों तक पहुंचाया जाना था। महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान किया जाएगा।