कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत आज बुधवार को राज्य की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। आज की वोटिंग के साथ ही 1,448 प्रत्याशियों की राजनीतिक किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सुबह 9 बजे तक 18 फीसदी मतदान हुआ है।
सत्ता की साख और परिवर्तन की जंग
इस बार का चुनाव राज्य के भविष्य के लिए निर्णायक माना जा रहा है। एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) चौथी बार सत्ता में वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बंगाल में पहली बार 'कमल' खिलाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें आज के मतदान प्रतिशत और जनता के मूड पर टिकी हैं।

बारानगर में ईवीएम की खराबी से मतदाता पस्त
उत्तर 24 परगना जिले की बारानगर विधानसभा सीट पर मतदान प्रक्रिया के दौरान तकनीकी बाधा की खबरें आईं। बूथ नंबर 72 पर ईवीएम के काम न करने के कारण मतदाताओं को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान वोटर्स ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और मतदान केंद्र पर हंगामे की स्थिति बन गई। हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने मशीन को जल्द ठीक करने का आश्वासन देकर स्थिति को संभालने की कोशिश की।
छपरा में हिंसा: भाजपा एजेंट पर जानलेवा हमला
मतदान के बीच हिंसा की खबरें भी सामने आ रही हैं। छपरा विधानसभा सीट के हत्रा पंचायत (बूथ नंबर 52) में भाजपा के पोलिंग एजेंट मोशर्रफ मीर पर जानलेवा हमला हुआ।
अस्पताल में भर्ती लहूलुहान मीर ने आपबीती सुनाते हुए कहा:
"वहां टीएमसी के गुंडे हथियारों के साथ छिपे थे। जनियालामुल्ला और उसके साथियों ने मुझ पर लोहे की रॉड और बेंत से हमला किया। मेरे सिर पर 6 टांके आए हैं। मुझे इंसाफ चाहिए और मैं चाहता हूं कि पुलिस उन अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार करे।"
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हिंसा और छिटपुट झड़पों को देखते हुए चुनाव आयोग ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से मिल रही शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि शेष मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।





