नोएडा | संवाददाता नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों का आंदोलन मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। जिले के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग कर स्थिति पर काबू पाना पड़ा। सेक्टर 121 और फेज-2 में उपद्रवियों द्वारा पत्थरबाजी की गई, जिसके जवाब में पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए प्रभावित इलाकों को खाली कराया और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी।

हिंसा और पत्थरबाजी से दहला सेक्टर 121 और फेज-2

मंगलवार सुबह सेक्टर 121 में उस समय तनाव व्याप्त हो गया जब प्रदर्शनकारियों ने अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। शांत माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे अराजक तत्वों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गलियों में उतरकर धरपकड़ शुरू की। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, नोएडा फेज-2 में भी प्रदर्शनकारियों ने फिर से जुटने की कोशिश की और पथराव किया, जिन्हें भारी पुलिस बल ने मौके से खदेड़ दिया।

सोसायटियों तक पहुंची आंदोलन की आंच

आंदोलन का असर अब आवासीय सोसायटियों की सेवाओं पर भी दिखने लगा है। सेक्टर-74 स्थित केपटाउन सोसायटी के बाहर सुरक्षाकर्मियों और सफाईकर्मियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम करने का प्रयास किया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि:

"12 घंटे की कठिन ड्यूटी के बाद मिलने वाला वेतन आज की महंगाई में घर चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। हमारी मांगों को लंबे समय से अनसुना किया जा रहा है।"

कंपनियों में तालाबंदी और बढ़ती सुरक्षा

सुरक्षा कारणों और श्रमिकों के आक्रोश को देखते हुए सेक्टर-63 (डी-ब्लॉक) की एक औद्योगिक इकाई के प्रबंधन ने दो दिन की छुट्टी का नोटिस गेट पर चस्पा कर दिया। सुबह जब कर्मचारी काम पर पहुंचे, तो उन्हें कंपनी बंद होने की सूचना मिली। उधर, फेज-2 स्थित मदरसन कंपनी के बाहर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सोमवार को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद कंपनी प्रबंधन ने प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा की गुहार लगाई थी।

डीजीपी की अपील: शांति बनाए रखें

उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी राजीव कृष्ण ने नोएडा के हालात पर संज्ञान लेते हुए जनता से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारी श्रमिकों और औद्योगिक प्रबंधन के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्य बिंदु:

प्रशासनिक निर्देश: शासन ने अधिकारियों को श्रमिकों की मांगों को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुनने के निर्देश दिए हैं।

सुरक्षा का घेरा: संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो।

कार्रवाई की चेतावनी: उपद्रव फैलाने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता औद्योगिक शांति बहाल करना और वेतन संबंधी विवाद का समाधान निकालना है।