खटकड़ कलां/चंडीगढ़: शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वीर सपूतों को नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि यह दिन केवल उनकी कुर्बानी को याद करने का नहीं, बल्कि उनके अधूरे सपनों के 'रंगला पंजाब' को साकार करने के संकल्प को दोहराने का है।

"शिक्षा ही गरीबी के चक्र को तोड़ने का एकमात्र अस्त्र"

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने जोर देकर कहा:

स्थायी समाधान: गरीबी और सामाजिक बुराइयों का इलाज मुफ्त की सुविधाओं में नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में है।

सशक्तिकरण: शिक्षा वह प्रकाश है जो अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर आम आदमी को मजबूरी के चक्र से बाहर निकालता है।

सरकारी पहल: पंजाब सरकार शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार कर रही है ताकि शहीदों के सपनों का शिक्षित समाज बन सके।

वोट की कीमत: "आईडी कार्ड में दिखती है शहीदों की महक"

मुख्यमंत्री मान ने लोकतांत्रिक अधिकारों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए एक मार्मिक बात कही। उन्होंने कहा, "जब हम अपना वोटर आईडी कार्ड देखते हैं, तो उसमें अपनी तस्वीर तो दिखती ही है, लेकिन अगर गौर से देखें तो उसमें इन शहीदों की शहादत की महक भी महसूस होगी।" उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने वोट को पैसे या लालच में न बेचें, क्योंकि यह अधिकार अनगिनत कुर्बानियों के बाद हासिल हुआ है।

ऐतिहासिक योगदान और भारत रत्न की मांग

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम में पंजाब के अद्वितीय योगदान को रेखांकित करते हुए कहा:

80% शहादत: देश की आबादी का मात्र 2% होने के बावजूद, फांसी चढ़ने या निर्वासित होने वाले स्वतंत्रता सेनानियों में 80% पंजाबी थे।

भारत रत्न का सवाल: उन्होंने महान क्रांतिकारियों को अब तक 'भारत रत्न' न दिए जाने पर सवाल उठाए और कहा कि यदि देश की बागडोर शुरू से ही ऐसे प्रगतिशील युवाओं के हाथ में होती, तो आज भारत की तस्वीर कुछ और होती।

मुख्यमंत्री का संदेश: "जो राष्ट्र अपने शहीदों को भूल जाते हैं, वे अपनी पहचान खो देते हैं। हमारी सरकार शहीदों के आदर्शों पर चलते हुए एक न्यायपूर्ण और समानतावादी समाज के निर्माण के लिए वचनबद्ध है।"

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

विषयमुख्यमंत्री का दृष्टिकोण
लक्ष्यशहीदों की सोच वाला 'रंगला पंजाब' बनाना।
विकास का आधारशिक्षा और ज्ञान के माध्यम से गरीबी उन्मूलन।
लोकतंत्रवोट के अधिकार को शहीदों की अमानत समझना।
विरासतपंजाब की गौरवशाली शहादत की परंपरा को सहेजना।