संभल | पवित्र रमजान महीने के आखिरी जुमे यानी 'अलविदा जुमे' की नमाज को लेकर संभल जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए जामा मस्जिद सहित तमाम प्रमुख इबादतगाहों के आसपास सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया गया है कि परिंदा भी पर न मार सके।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: जमीन से आसमान तक निगरानी
प्रशासन ने संभल शहर को सुरक्षा की दृष्टि से छावनी में तब्दील कर दिया है:
भारी बल की तैनाती: सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन कंपनी पीएसी (PAC) और भारी पुलिस बल के साथ आरआरएफ (RRF) के जवानों को तैनात किया गया है।
मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी: जिलाधिकारी (DM) ने शहर की निगरानी के लिए 19 मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं, जो पल-पल की रिपोर्ट शासन को देंगे।
ड्रोन और सीसीटीवी: संवेदनशील इलाकों और जामा मस्जिद क्षेत्र में ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए उपद्रवियों पर नजर रखी जा रही है।
शाही इमाम की अपील: अनुशासन में अदा करें नमाज
जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना आफताब हुसैन वारसी ने मुस्लिम समुदाय से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि:
नमाज केवल मस्जिदों के भीतर ही अदा की जाए, सड़कों पर नमाज पढ़ना सख्त मना है ताकि यातायात बाधित न हो।
किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, जुलूस या नारेबाजी की अनुमति नहीं है।
विशेष रूप से ईरान के समर्थन में किसी भी तरह के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
सोशल मीडिया पर 'डिजिटल' नजर
पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार विश्नोई ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया की निगरानी के लिए विशेष टीमें सक्रिय हैं। उन्होंने कहा:
"किसी ने भी माहौल बिगाड़ने वाली पोस्ट या भ्रामक वीडियो शेयर किया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शासन की गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है।"
क्यों है इस बार विशेष सतर्कता?
उलमा के अनुसार, इस साल रमजान में पांचवां जुमा भी पड़ सकता है, लेकिन चौथे जुमे को ही 'अलविदा जुमे' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तुरंत बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाएगा, जिसके चलते बाजारों में भी भारी भीड़ और संवेदनशीलता बनी हुई है।
प्रशासन का संदेश: "शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पीस कमेटी की बैठकें की जा चुकी हैं। नागरिक किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं।" — जिलाधिकारी, संभल





