कोलकत्ता | पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले राज्य का राजनीतिक पारा चरम पर पहुँच गया है। शनिवार को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेगा रैली के तुरंत बाद, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भाजपा पर तीखा पलटवार किया।

TMC ने इस रैली को "बी-ग्रेड रैली" करार देते हुए केंद्र सरकार पर सांस्कृतिक दिवालियापन और प्रशासनिक उपेक्षा के गंभीर आरोप लगाए हैं।

TMC मुख्यालय में आयोजित इस प्रेस मीट में राज्य मंत्री ब्रात्य बसु, शशि पांजा और जादवपुर की सांसद सायोनी घोष ने केंद्र सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरा।

1. LPG संकट और पीएम की अनुपस्थिति

सांसद सायोनी घोष ने प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि जब देश पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण LPG सिलेंडर की भारी कमी और बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है, तब प्रधानमंत्री संसद से गायब रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम एक "कैंपेन मिनिस्टर" (प्रचार मंत्री) की तरह काम कर रहे हैं, जबकि आम जनता गैस के लिए कतारों में खड़ी है।

2. सांस्कृतिक 'दिवालियापन' का आरोप

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में दक्षिणेश्वर काली मंदिर की प्रतिकृति (Replica) लगाए जाने पर TMC ने तंज कसा। सायोनी घोष ने कहा:

"ममता बनर्जी को अपनी भक्ति या लोगों से जुड़ाव साबित करने के लिए मंदिरों, मस्जिदों या चर्चों की प्रतिकृतियों की जरूरत नहीं है। भाजपा का यह प्रयास उनके सांस्कृतिक दिवालियापन को दर्शाता है।"

3. केंद्र पर ₹2 लाख करोड़ के बकाए का दावा

TMC नेताओं ने केंद्र सरकार पर बंगाल के हक का पैसा रोकने का आरोप लगाया।

MGNREGA: सायोनी घोष ने दावा किया कि 100 दिन की कार्य योजना का पैसा केंद्र ने नहीं दिया, बल्कि राज्य सरकार अपने कोष से भुगतान कर रही है।

कुल बकाया: पार्टी के अनुसार, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं (जल जीवन मिशन, ग्रामीण सड़क आदि) के तहत बंगाल का लगभग ₹2 लाख करोड़ केंद्र पर बकाया है।

आंकड़ों की बाजीगरी: बेरोजगारी और अपराध पर बहस

TMC ने भाजपा शासित राज्यों की तुलना में बंगाल की स्थिति को बेहतर बताते हुए निम्नलिखित आंकड़े पेश किए:

बेरोजगारी दर (Unemployment Rate)

भाजपा द्वारा बंगाल में बेरोजगारी के आरोपों पर सायोनी घोष ने पलटवार करते हुए ये आंकड़े दिए:

उत्तराखंड: 8.9%

आंध्र प्रदेश: 8.2%

राजस्थान: 7.4%

पश्चिम बंगाल: मात्र 3.2%

महिला सुरक्षा

TMC नेतृत्व ने मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा के 12 साल के कार्यकाल (2014-2026) के दौरान भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगभग 46% की वृद्धि हुई है।

'फासीवाद' और 'सांप्रदायिक ध्रुवीकरण' के आरोप

मंत्री ब्रात्य बसु ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके भाषणों में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना और विभाजनकारी बयानबाजी करना राजनीति को तानाशाही (Authoritarianism) की ओर धकेल रहा है। उन्होंने भाजपा के नारे "पाल्टानो दरकार (बदलाव जरूरी है)" का मजाक उड़ाते हुए कहा कि भाजपा को बंगाल के लोगों से जुड़ने के लिए पहले अपनी रणनीति बदलने की जरूरत है।

साथ ही, सायोनी घोष ने पीएम की विदेश नीति की आलोचना करते हुए उन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सामने "कमजोरी" दिखाने का भी आरोप लगाया।

अगला कदम

आज शाम 4 बजे चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि बंगाल में यह सियासी जंग कितने चरणों में और किन तारीखों पर लड़ी जाएगी।