लखनऊ:

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले राज्य में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश की 10 सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में शह और मात का खेल शुरू हो चुका है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) दोनों ही अपने तय संख्याबल से अधिक सीटों पर दांव आजमाने की रणनीति बना रहे हैं।

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने और एनडीए विधायकों के समर्थन के दावे के बाद, अब बीजेपी ने भी पलटवार की तैयारी कर ली है। बीजेपी 8 सीटों के साथ-साथ एक अतिरिक्त यानी 9वां उम्मीदवार मैदान में उतारने का मन बना रही है।

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संख्याबल और जोड़-तोड़ का गणित

विधानसभा में मौजूदा विधायकों के आंकड़े के आधार पर:

  • बीजेपी की स्थिति: बीजेपी के पास 8 उम्मीदवारों को आसानी से राज्यसभा भेजने के लिए पर्याप्त वोट उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त पार्टी के पास लगभग 25 surplus (अधिशेष) वोट बच रहे हैं। 9वें प्रत्याशी को जिताने के लिए पार्टी को सपा या अन्य दलों के विधायकों के समर्थन की दरकार होगी।
  • समाजवादी पार्टी की स्थिति: सपा संख्याबल के हिसाब से 2 सीटें आसानी से जीत सकती है। हालांकि, अखिलेश यादव का दावा है कि एनडीए गठबंधन के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, जिसके दम पर वे तीसरे प्रत्याशी की जीत को लेकर आश्वस्त हैं।

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10 सीटों पर 12 उम्मीदवार उतरने से मुकाबला हुआ दिलचस्प

यदि दोनों पार्टियां अपने-अपने अतिरिक्त प्रत्याशी मैदान में उतारती हैं, तो कुल 10 सीटों के लिए 12 उम्मीदवार आमने-सामने होंगे। ऐसे में एक-एक वोट की घेराबंदी शुरू हो गई है और दोनों ही दल क्रास वोटिंग और सेंधमारी के जरिए अतिरिक्त सीट अपने नाम करने का गणित बैठाने में जुट गए हैं।

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