लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने नवीनतम बजट में राज्य की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को नई ऊंचाई देने का संकल्प लिया है। ₹3,822 करोड़ के भारी-भरकम बजट के साथ, सरकार का लक्ष्य न केवल औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है, बल्कि प्रदेश के लाखों युवाओं को स्वावलंबी बनाना भी है।
1. सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक जोन योजना
वर्ष 1960 के बाद पहली बार, यूपी के सभी जिलों में विशेष औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Zones) स्थापित करने के लिए ₹575 करोड़ का आवंटन किया गया है।
उद्देश्य: हर जिले में कम से कम एक नया औद्योगिक क्लस्टर बनाना।
रणनीति: इन क्षेत्रों में युवाओं को उद्योगों की वास्तविक जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे उन्हें सीधे वहीं रोजगार मिल सके।
2. युवाओं को उद्यमी बनाने का महाभियान
सरकार ने युवाओं के सपनों को पंख देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए हैं:
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान: इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए ₹1,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। लक्ष्य हर साल 1 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: स्वरोजगार के अवसरों के विस्तार हेतु ₹225 करोड़ का अलग से प्रावधान किया गया है।
3. 'एक जिला एक व्यंजन' (ODOP-Food): वैश्विक बनेगा यूपी का स्वाद
'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) की अपार सफलता के बाद अब सरकार 'एक जिला एक व्यंजन' के जरिए यूपी के जायके को सात समंदर पार पहुँचाने की तैयारी में है।
बजट: ₹75 करोड़।
मुख्य फोकस: व्यंजनों का प्रमाणीकरण, जीआई (GI) टैगिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रांडिंग। इससे स्थानीय हलवाइयों और खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों को वैश्विक पहचान मिलेगी।
4. वस्त्रोद्योग: 30,000 नए रोजगार का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश को देश का 'गारमेंटिंग हब' बनाने के लिए सरकार ने वस्त्रोद्योग क्षेत्र को ₹5,041 करोड़ की संजीवनी दी है।
पीएम मित्र पार्क: लखनऊ-हरदोई सीमा पर विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना।
बुनकर कल्याण: अटल बिहारी बाजपेयी पावरलूम बुनकर योजना के तहत फ्लैट रेट पर बिजली देने के लिए ₹4,423 करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन।
प्रमुख आंकड़े एक नज़र में:
| योजना/क्षेत्र | आवंटित बजट | प्रमुख लक्ष्य |
|---|---|---|
| MSME कुल बजट | ₹3,822 करोड़ | पिछले वर्ष से 19% की वृद्धि |
| वस्त्र एवं हथकरघा | ₹5,041 करोड़ | 30,000 नए रोजगार का सृजन |
| युवा उद्यमी अभियान | ₹1,000 करोड़ | प्रति वर्ष 1 लाख सूक्ष्म उद्योग |
| औद्योगिक जोन योजना | ₹575 करोड़ | सभी 75 जिलों में नए क्लस्टर |
निष्कर्ष: यह बजट दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक 'औद्योगिक पावरहाउस' बनने की ओर अग्रसर है। 96 लाख MSME इकाइयों के साथ यूपी पहले ही देश में अग्रणी है, और यह नया निवेश राज्य के निर्यात में इसकी 40% हिस्सेदारी को और बढ़ाने में मददगार साबित होगा।





