लखनऊ | उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज विधानसभा में अपना 10वां बजट पेश करने जा रही है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह सरकार का आखिरी पूर्ण बजट है, जिसमें 'चुनावी झलक' और 'विकास के विजन' का अनूठा संगम देखने को मिल सकता है। करीब 9 से 9.5 लाख करोड़ रुपये के इस संभावित बजट में रोजगार, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण पर सबसे अधिक जोर रहने की उम्मीद है।

क्षेत्रीय विकास: पूर्वांचल और बुंदेलखंड को 'बड़ा बूस्ट'

सरकार इस बार क्षेत्रीय असंतुलन मिटाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है:

विकास निधि: पूर्वांचल और बुंदेलखंड विकास निधि के लिए ₹1900 करोड़ आवंटित किए जा सकते हैं, जो पिछले वर्ष से ₹700 करोड़ अधिक है।

बीडा (BIDA) को पैकेज: बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के तहत जमीन अधिग्रहण के लिए मोटे पैकेज की तैयारी है।

एक्सप्रेस-वे का जाल: लखनऊ-आगरा और पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को जोड़ने के साथ-साथ जेवर एयरपोर्ट और चित्रकूट के लिए नए लिंक एक्सप्रेस-वे हेतु ₹1000 करोड़ से अधिक की व्यवस्था संभव है।

पेंशन और मानदेय: सामाजिक सुरक्षा पर दांव

चुनावों से पहले सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों को साधने के लिए खजाना खोलने के संकेत दिए हैं:

पेंशन में वृद्धि: वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं की पेंशन में ₹500 की बढ़ोतरी की संभावना है।

शिक्षा मित्रों को तोहफा: 1.43 लाख शिक्षा मित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹17,000-20,000 किया जा सकता है।

महिला सशक्तिकरण: मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने का संकल्प इस बजट में पूरा हो सकता है।

बजट की अन्य प्रमुख प्राथमिकताएं

क्षेत्रसंभावित आवंटनमुख्य आकर्षण
शिक्षा₹1.10 लाख करोड़+बेसिक और माध्यमिक शिक्षा का सुदृढ़ीकरण।
सुरक्षा (गृह)₹48,000 करोड़साइबर अपराध पर लगाम और पुलिस आधुनिकीकरण।
सड़कें₹45,000 करोड़प्रदेश भर की सड़कों का मरम्मत और निर्माण।
शहरी विकास₹12,000 करोड़सीएम शहरी विस्तारीकरण योजना।
खेल₹1,000 करोड़अयोध्या, बरेली समेत 8 शहरों में नए स्पोर्ट्स कॉलेज।

बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान

बजट का लगभग एक चौथाई हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम रहेगा। परिवहन सेवा के लिए ₹4,700 करोड़ और हवाई अड्डों एवं जल मार्गों के विकास के लिए ₹2,500 करोड़ का प्रावधान किया जा सकता है। मेट्रो परियोजनाओं के विस्तार के लिए भी ₹700 करोड़ की राशि आवंटित होने की उम्मीद है।