मथुरा। वृंदावन में यमुना नदी में शुक्रवार को हुए भीषण नाव हादसे के बाद तीसरे दिन भी तलाशी अभियान जारी रहा। रविवार सुबह गोताखोरों को दो और लापता श्रद्धालुओं के शव बरामद हुए, जिसके बाद इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की कुल संख्या अब 13 हो गई है।
रविवार को मिले लुधियाना के दो युवकों के शव
रविवार सुबह बचाव दल को यमुना की लहरों से दो और शव मिले। इनकी पहचान पंजाब के लुधियाना निवासी ऋषभ शर्मा (जगराओं) और डिंकी बंसल (अर्बन एस्टेट, डूगरी) के रूप में हुई है।
भावुक कर देने वाली स्थिति: मृतक डिंकी बंसल की मां, मीनू बंसल का शव हादसे के दिन ही बरामद कर लिया गया था। अब बेटे का शव मिलने से इस परिवार में मातम और गहरा गया है।
दोषियों पर शिकंजा: चालक और ठेकेदार पहुंचे जेल
प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हादसे के प्राथमिक जिम्मेदारों पर नकेल कसी है:
मुकदमा: मोटरबोट चालक और पैंटून पुल के ठेकेदार के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी: पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जांच: जिलाधिकारी (DM) सीपी सिंह ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच ADM (वित्त) डॉ. पंकज वर्मा को सौंपी है।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और जानकारों के बीच इस बात को लेकर आक्रोश है कि क्या केवल निचले स्तर के कर्मियों पर कार्रवाई कर बड़े अधिकारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है?
लोनिवि की अनुपस्थिति: जब पैंटून पुल को जोड़ने का काम चल रहा था, तो लोक निर्माण विभाग (PWD) के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर क्यों नहीं थे?
जल मार्ग प्राधिकरण की भूमिका: पुल के निर्माण कार्य के दौरान भारतीय अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण ने नाव संचालन की अनुमति कैसे दे दी?
सुरक्षा मानकों की अनदेखी: क्या नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार थे और क्या यात्रियों को लाइफ जैकेट जैसे बुनियादी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे?
"कोई भी दोषी बचेगा नहीं" — डीएम
जिलाधिकारी सीपी सिंह ने आश्वस्त किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर हर उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिसकी लापरवाही से यह दर्दनाक हादसा हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान गिरफ्तारियां प्रारंभिक जांच के आधार पर हैं, और ADM की रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।





