कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियों के बीच सोमवार आधी रात को मतदाता सूची की पहली पूरक सूची (SIR) आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO), बंगाल की वेबसाइट पर इसका लिंक सक्रिय कर दिया गया है। इस सूची के आने से उन लाखों लोगों का इंतज़ार खत्म हो गया है जिनके नाम 'विचाराधीन' श्रेणी में रखे गए थे।
29 लाख आवेदनों पर हुआ फैसला
सूत्रों के अनुसार, इस पूरक सूची में लगभग 29 लाख विचाराधीन मामलों का निपटारा किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इन 29 लाख नामों में से करीब 10 लाख नामों को सूची से हटा दिया गया है, जबकि शेष नामों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने की मंजूरी दी गई है।
विशेष नोट: मंगलवार सुबह से यह पूरक सूची राज्य के सभी मतदान केंद्रों (बूथों) पर प्रदर्शित कर दी जाएगी, ताकि नागरिक व्यक्तिगत रूप से अपना नाम देख सकें।
प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद से ही राज्य में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज है। इसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है:
संवेदनशील इलाकों पर नजर: पुलिस उन क्षेत्रों में विशेष गश्त कर रही है जहाँ नाम कटने को लेकर असंतोष पैदा होने की आशंका है।
भीड़ नियंत्रण: किसी भी संभावित उग्र विरोध या भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
पिछली सूची का गणित
गौरतलब है कि 28 फरवरी को जारी हुई अंतिम मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव देखे गए थे:
कुल 63,66,952 लोगों के नाम सूची से हटाए गए थे।
लगभग 60,06,675 नामों को 'विचाराधीन' श्रेणी में रखा गया था, जिनमें से 29 लाख का निपटारा इस पहली पूरक सूची में हुआ है।
अभी तक चुनाव आयोग या CEO कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है, जिसके कारण सटीक संख्या की पुष्टि होना बाकी है। मतदाता अपना नाम जाँचने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जा सकते हैं।





