नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तहत डायमंड हार्बर और मगराहट पश्चिम निर्वाचन क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर आज सुबह से दोबारा मतदान की प्रक्रिया चल रही है। पिछले चरण में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने यह कड़ा कदम उठाया है।

पुनर्मतदान की आवश्यकता क्यों पड़ी?

29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान ईवीएम में छेड़छाड़ और मतों में हेराफेरी की कई गंभीर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल के अनुसार, दूसरे चरण के दौरान 77 मतदान केंद्रों से गड़बड़ी की रिपोर्ट मिली थी। गहन जांच के बाद आयोग ने उन केंद्रों पर दोबारा चुनाव का आदेश दिया जहाँ नियमों का उल्लंघन पुष्ट पाया गया था।

इन बूथों पर हो रही है वोटिंग

चुनाव आयोग के आदेशानुसार, मगराहट पश्चिम के 11 और डायमंड हार्बर के 4 केंद्रों पर वोट डाले जा रहे हैं। प्रमुख केंद्रों की सूची इस प्रकार है:

मगराहट पश्चिम (प्रमुख बूथ): एकतारा मलाया एफपी स्कूल (कमरा नं. 1 व 2), बहिरपुया कुरकुरिया एफपी स्कूल (कमरा नं. 1, 2 व 3)।

डायमंड हार्बर (प्रमुख बूथ): बगदा जूनियर हाई स्कूल, चंदा एफपी स्कूल, हरिदेवपुर एफपी स्कूल और रॉयनगर एफपी स्कूल।

दक्षिण 24 परगना के फलता सब-डिवीजन में उस समय भारी तनाव फैल गया, जब स्थानीय हिंदू ग्रामीणों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक प्रभावशाली नेता पर जान से मारने और गांव से निकालने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया।

"सिर्फ हिंदू होने के कारण मिल रही धमकियां": महिलाओं का फूटा गुस्सा

फलता के हसीमपुर इलाके में शनिवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि टीएमसी के पंचायत प्रधान इसराफिल चोंकदार उन्हें डरा-धमका रहे हैं।

आरोप: ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें 'गंगा में फेंकने' और 'घर जलाने' की धमकियां दी जा रही हैं।

वजह: महिलाओं ने स्पष्ट किया कि वे किसी दल से नहीं जुड़ी हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि सत्ताधारी पक्ष को संदेह है कि उन्होंने 'हिंदू' होने के नाते बीजेपी को वोट दिया है। इलाके में बिगड़ते हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF/RAF) की तैनाती कर दी गई है।

15 केंद्रों पर दोबारा मतदान: निष्पक्षता की कवायद

दूसरे चरण के दौरान ईवीएम से छेड़छाड़ और अनियमितताओं की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने शनिवार (2 मई 2026) को पुनर्मतदान का आदेश दिया।

डायमंड हार्बर के 4 और मगराहाट वेस्ट के 11 मतदान केंद्रों पर आज सुबह 7 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले जा रहे हैं।

चुनाव आयोग ने यह फैसला इलेक्शन ऑब्जर्वर्स की उस रिपोर्ट के बाद लिया, जिसमें 77 केंद्रों पर गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी।

सुरक्षा और प्रशासनिक मुस्तैदी

चुनाव के बाद होने वाली संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग 'हाई अलर्ट' पर है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की है।

"हम निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी प्रकार की धांधली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।" — मनोज कुमार अग्रवाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल

उल्लेखनीय है कि इस बार पश्चिम बंगाल ने मतदान के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिसे स्वतंत्रता के बाद का अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत माना जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पुनर्मतदान की यह प्रक्रिया बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण संपन्न होगी।