कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले मतदाता सूची को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और न्यायिक निर्णय प्रक्रिया पूरी होने के बाद, राज्य में 90,83,345 (लगभग 91 लाख) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। आयोग का उद्देश्य चुनाव से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाना है।
न्यायिक प्रक्रिया के बाद अंतिम आंकड़े
निर्वाचन आयोग के अनुसार, हटाए गए नामों की यह संख्या विभिन्न चरणों की जांच के बाद सामने आई है:
शुरुआती चरण: पिछले साल दिसंबर में ड्राफ्ट सूची से 58.20 लाख नाम हटाए गए थे।
अंतिम सूची: 28 फरवरी को जारी लिस्ट में यह संख्या बढ़कर 63.66 लाख हो गई थी।
न्यायिक निर्णय: ताजा न्यायिक जांच में 27,16,393 और मामलों को हटाने योग्य पाया गया, जिससे कुल आंकड़ा 90,83,345 तक पहुंच गया है।

इन जिलों में कटी सबसे अधिक वोट
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची में सबसे बड़ी कटौती इन जिलों में देखी गई है:
मुर्शिदाबाद: यहाँ सर्वाधिक 4,55,137 नाम हटाए गए।
उत्तर 24 परगना: इस जिले में 3,25,666 मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए हैं।
मतदाताओं को मिलेगा अपील का मौका
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम न्यायिक जांच में 'हटाने योग्य' पाए गए हैं, उन्हें अपनी बात रखने का अंतिम अवसर दिया जाएगा। CEO कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया, "प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष है। जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपील दर्ज करा सकते हैं।"
पश्चिम बंगाल चुनाव: महत्वपूर्ण तिथियां
राज्य में विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे:
प्रथम चरण: 23 अप्रैल (152 सीटों पर मतदान)
द्वितीय चरण: 29 अप्रैल (शेष 142 सीटों पर मतदान)
चुनावी परिणाम: 4 मई 2026
पृष्ठभूमि: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की अधिसूचना जारी होने से पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7,66,37,529 थी। इस भारी कटौती के बाद अब वास्तविक मतदाताओं की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जो आने वाले चुनावों के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।





