वॉशिंगटन / ब्रासीलिया:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील में हाल ही में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे 'धांधली वाला' और 'भ्रष्ट' करार दिया है। हालांकि, अपने इस गंभीर दावे के समर्थन में उन्होंने कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया। ज्ञात हो कि इस चुनाव में वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए सत्ता में वापसी की है।

"दुनिया के सामने बहुत खराब तस्वीर पेश करता है चुनाव" — ट्रंप

मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा,

"सच कहूं तो यह एक और धांधली वाला चुनाव लग रहा था। मैंने किसी का पक्ष नहीं लिया, लेकिन दुनिया के सामने यह बहुत खराब तस्वीर पेश करता है। चुनाव ऐसे होने चाहिए जिन पर कोई सवाल न उठे और मुझे तो यह बहुत बुरा लगा।"

जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह इस चुनाव परिणाम को लेकर कोई कदम उठाएंगे, तो ट्रंप ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा, "मैं ब्राजील नहीं चला रहा हूं, मैं अमेरिका चला रहा हूं।" उन्होंने आगे जोड़ा कि हालांकि उन्होंने किसी उम्मीदवार का औपचारिक समर्थन नहीं किया था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया काफी संदिग्ध और भयानक लगती है।

लूला की चौथी बार सत्ता में वापसी, बोल्सोनारो का हार से इनकार

इस बहुचर्चित चुनाव में वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने अपने दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को पराजित कर चौथी बार ब्राजील की कमान संभाली है।

दूसरी ओर, हार का सामना कर रहे फ्लावियो बोल्सोनारो ने नतीजों को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है और चुनावी परिणामों को रद्द करने की मांग उठाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप अतीत में कई मौकों पर बोल्सोनारो के प्रति अपनी सहानुभूति दर्शाते रहे हैं।

ब्राजील का पलटवार: "हम वेनेजुएला नहीं हैं"

ट्रंप के इस तीखे बयान पर ब्राजील के वरिष्ठ अधिकारियों ने संतुलित लेकिन सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अधिकारियों ने भरोसा जताया कि अंततः अमेरिका को लूला की इस लोकतांत्रिक जीत को मान्यता देनी ही होगी, क्योंकि मतदान के आंकड़ों और प्रक्रिया पर सवाल उठाना नामुमकिन है।

ब्राजील के एक अधिकारी ने टिप्पणी करते हुए कहा:

"अगर अमेरिका मान्यता नहीं देता है, तो ज्यादा से ज्यादा राजनयिक संबंधों में दूरी आ सकती है—जिसका सीधा फायदा चीन उठाएगा। लेकिन अमेरिका ब्राजील पर हमला करके कोई कठपुतली सरकार नहीं थोप सकता। हम वेनेजुएला नहीं हैं; हमारी लोकतांत्रिक सरकार पूरी मजबूती से कायम रहेगी।"

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमेरिका और ब्राजील के भावी द्विपक्षीय संबंधों को लेकर वैश्विक कूटनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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