पटना। बिहार के बुनियादी ढांचे और शहरी विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में राज्य के 47 बड़े पुलों और 55 स्टेट हाईवे पर पथ उपयोगकर्ता शुल्क (टोल) लगाने और नगर निकायों के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹9,169 करोड़ जारी करने सहित कई दूरगामी फैसले लिए गए।
47 पुलों और 55 सड़कों पर वसूला जाएगा टोल
- पहले चरण की रूपरेखा: 250 मीटर से अधिक लंबे 47 पुलों और 55 राज्य उच्च पथों को टोल वसूली के लिए चिह्नित किया गया है।
- यातायात सर्वे व बुनियादी ढांचा: तत्काल टोल वसूली शुरू न होकर पहले वाहनों का सर्वेक्षण किया जाएगा, ताकि यातायात के दबाव के आधार पर टोल प्लाजा की जगह और लेन तय की जा सके।
- फास्टैग व्यवस्था: पूरे तंत्र को डिजिटल और सुगम बनाने के लिए फास्टैग लागू किया जाएगा।
- सलाहकार सेवा: टोल दरें तय करने और पारदर्शी निगरानी प्रणाली के संचालन हेतु ₹30.95 करोड़ की सलाहकार सेवा को स्वीकृति दी गई है।
नगर निकायों के लिए ₹9,169 करोड़ का आवंटन 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक राज्य के नगर निकायों को ₹9,169 करोड़ का बेसिक और परफॉरमेंस अनुदान दिया जाएगा।
- बंटवारे का आधार: राशि का आवंटन 90:10 के अनुपात में (जनसंख्या : स्व-स्रोत राजस्व) किया जाएगा।
- पटना को विशेष लाभ: पटना नगर निगम को विशेष अवसंरचना घटक और शहरीकरण प्रीमियम का भी अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
शहरी विकास योजनाओं और पटना इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार
- मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना: इस योजना को 2026-27 से 2030-31 तक के लिए विस्तार दिया गया है। ₹500 करोड़ के बजट से बुडको (BUIDCO) द्वारा सड़कों, जल निकासी, पार्कों, झीलों और घाटों का कायाकल्प किया जाएगा।
- नेहरू पथ चौड़ीकरण: पटना के डाकबंगला चौराहा से रुकनपुरा (7.20 किमी) तक नेहरू पथ के चौड़ीकरण, नाला निर्माण, ग्रिल लगाने और यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए ₹39.80 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य में बेहतर सड़कों का निर्माण होगा और शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी।





