भोपाल:

राजधानी भोपाल के भौंरी स्थित मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी परेड ग्राउंड में 44वें-45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों (डीएसपी) के दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सहभागिता की और परेड की सलामी लेकर उसका निरीक्षण किया। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु अधिकारियों को शील्ड और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशिक्षण अकादमी के विकास के लिए 12 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम बनाने, विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने और 1 किमी लंबा एप्रोच रोड बनाने की बड़ी घोषणा की। इसके साथ ही, नक्सल विरोधी अभियानों में अदम्य साहस दिखाने वाले 63 पुलिसकर्मियों को 'आउट ऑफ टर्न प्रमोशन' से सम्मानित किया गया।

नए डीएसपी और पुलिस महानिदेशक के मुख्य बिंदु

  • 48 नए जनसेवक: इस बैच में कुल 48 पुलिस अधिकारियों ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्व समाप्त किया है, जिनमें 20 महिला अधिकारी भी शामिल हैं।
  • विशेष तकनीकी बल: भौंरी एकेडमी में पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 22 अधिकारी इंजीनियर बैकग्राउंड से हैं जो साइबर क्राइम और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करेंगे।
  • डीजीपी कैलाश मकवाना का संबोधन: डीजीपी ने कहा कि 2014 से भौंरी एकेडमी में डीएसपी स्तर के अधिकारियों की ट्रेनिंग कराई जा रही है, और यह पासिंग आउट परेड जीवनभर याद रहने वाला पल है।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दिए गए प्रमुख संदेश

1. "रील से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सॉल्व करें"

मुख्यमंत्री ने नए अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि आज का दौर सोशल मीडिया का है, लेकिन पुलिस के सामने 'सोशल इश्यू' को हल करने की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने नए डीएसपी से कहा:

"आप सोशल मीडिया पर सक्रिय रहें, लेकिन लोकप्रियता की दौड़ से बाहर निकलकर समस्याओं के बजाय उसके समाधान पर ध्यान दें। रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सुलझाने में जुटें। कमजोर वर्ग के लिए देवदूत बनें।"

2. वर्ष 2029 तक ड्रग्स के सफाए का संकल्प

डकैतों और नक्सलवाद के खात्मे का जिक्र करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय-सीमा से पहले नक्सलियों का सफाया कर मध्यप्रदेश पुलिस ने अपनी दक्षता साबित की है, उसी प्रकार अब वर्ष 2029 तक ड्रग्स और अवैध नशे की समस्या का पूरी तरह सफाया करना है। उन्होंने डीजीपी को शराब और ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ निडर होकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

3. सरकार की कल्याणकारी नीतियां व भर्तियां

  • पिछले 3 वर्षों में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्तियां की गई हैं, और कुल 22,500 पदों पर भर्ती का लक्ष्य है।
  • राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में पदोन्नति के जरिए कर्मचारियों और अधिकारियों में उत्साह का माहौल बनाया है।
  • बलिदानियों के परिवारों के योगदान को हमेशा याद रखते हुए सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है।

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