सुशासन बाबू बिहार में दलितों पर अत्याचार को देखें, गुजरात आपका नहीं...
नीतीश के शासन में दलितों पर अत्याचार, दबंगों ने की दलित महिला के साथ जमकर मारपीट
25 Jul 2016
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पर अब आगे नीतीश कुमार के सुशासन में दलितों पर अत्याचार का आरोप लगा है। बिहार के दरभंगा में घर में घुसकर मां बेटी की पिटाई और उनसे बदसलूकी का आरोप है तो मुजफ्फरपुर में दलित युवकों के साथ इंसानियत की हदें पार करने का आरोप लगा है।
बिहार में मुजफ्फरपुर में दलितो के साथ इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आयी है। जहां मोटरसाइकिल चुराने के आरोप में दबंगों पर दो युवको को जमकर पीटने और इससे भी जी नहीं भरा तो इनको पेशाब पिलाने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगो को गिरफ्तार किया है साथ ही पूरे मामले की जांच की जा रही है। आरोप है कि इस दलित महिला के साथ गांव के एक दबंग और उसके गुर्गों ने जमकर मारपीट की। दरभंगा के गांव में ये महिला मनरेगा के तहत मिला अपनी मेहनत का 300 हजार रुपया निकालकर आई तो समीउर रहमान उर्फ फूल बाबू नाम के बिचौलिए ने कमीशन मांगा और नहीं देने पर इनका ये हाल किया। आरोप है कि जब महिला की बेटी बीच बचाव के लिए आई तो उसके साथ भी मारपीट की गई।साथ में ये धमकी भी दी कि अगर मुंह खोला तो जान जाएगी।
इधर बिहार के मुजफ्फरपुर में भी दलितों पर जुल्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां के एक गांव में मुखिया के पति ने दो युवकों के साथ न सिर्फ मारपीट की बल्कि उनपर पेशाब भी करवाया। इन युवकों पर बाइक चोरी का आरोप था। इस मामले में पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, उधर आरोपी मुकुल ठाकुर ने खुद को निर्दोष बताया है। बिहार में दलितों पर अत्याचार के मुद्दे पर राजनीति भी हो रही है, जहां बीजेपी ने नीतीश सरकार पर निशाना साधा है वहीं कांग्रेस ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिहार में दलित समाज के साथ उत्पीड़न बहुत बढ़ा हुआ है, मुख्यमंत्री को गुजरात की चिंता के बजाय बिहार की चिंता करनी चाहिए। कोई भी ऐसी घटना हो, किसी भी राज्य में हो, इस तरह की घटना पर जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि ये शर्मनाक घटना है। जिन्होने ऐसा किया है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे में नीतीश के सुशासन के दावों की पोल खुल रही है बल्कि दलितों में भी डर की स्थिति पैदा होती दिख रही है। और सबसे बड़ा सवाल दलितों के रहनुमा राहुल, लालू, नीतीश, मायावती और नया शूरमा केजरीवाल जैसे नेताओं पर उठना लाजमी है कि वोट की राजनीति के लिये वो कब तक दलितों को मुर्ख बनाते रहेंगे? वास्तव में दलितों को हक चाहिये ना की इन नेताओं की तरह पब्लिसिटी.
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