दुमका।झारखंड के दुमका में दो नाबालिग आदिवासी लड़कियों की हत्या के मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो सोमवार को अपनी टीम के साथ दुमका पहुंचे।उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड सरकार जांच में बाधा डालने की कोशिश कर रही है।





जलाकर मारी गई अंकिता सिंह के मामले में प्रियांक कानूनगो ने कहा कि पुलिस की जांच में खामियां हैं।किसी उच्च एजेंसी को इसकी जांच करनी चाहिए।अगले सप्ताह तक हम अपनी रिपोर्ट प्रकाशित कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि डीएसपी आरोपियों की मदद कर रहे हैं।हम राज्य सरकार से कार्रवाई करने के लिए कहेंगे।आरोपी का भाई पीड़िता के परिजनों को धमकी दी और पुलिस ने इस पर एफआईआर दर्ज नहीं की है। पुलिस से एफआईआर दर्ज करने और उसे गिरफ्तार करने का अनुरोध किया है।





कानूनगो ने कहा कि राज्य सरकार को अपनी इस यात्रा के बारे में पहले ही जानकारी दे दी थी, लेकिन जांच में मदद के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि दुमका में एक व्यक्ति ने एक आदिवासी लड़की (14) का कथित तौर पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया। लड़की का शव शुक्रवार को एक पेड़ पर लटकता पाया गया था। लड़की की मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई।इससे कुछ दिन पहले 23 अगस्त को 16 वर्षीय लड़की अंकिता को शाहरुख नाम के एक युवक ने आग के हवाले कर दिया था। घटना के पांच दिन बाद लड़की की मौत हो गई थी। इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।





कानूनगो ने कहा कि मैं दोनों मामलों की जांच के लिए दुमका आया हूं। राज्य सरकार को इस यात्रा के बारे में काफी पहले ही बता दिया गया था। एनसीपीसीआर की टीम उस लड़की के माता-पिता से मुलाकात करना चाहती थी, जिसकी दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। जिलाधिकारी ने सहमति दे दी थी।गांव आने पर उसके माता-पिता का पता नहीं चला।





उन्होंने बताया कि पूछताछ करने पर पड़ोसियों ने एनसीपीसीआर की टीम को बताया कि कोई उन्हें कार में ले गया है। कानूनगो ने कहा कि सरकार सहयोग नहीं कर रही है, जांच में बाधा डाल रही है।